लड़की से छेड़छाड़ किया और जब रोका तो उसको बेरहमी से मारा जावेद ने.. आखिर ऐसे कैसे जीता जाएगा ‘विश्वास’

देश के कथित सेक्यूलर बुद्धिजीवी तथा राजनेता कहते हैं कि देश के वर्तमान हालात ऐसे बना दिए गये हैं कि “वो” डरा हुआ है तथा उसको प्रताड़ित किया जा रहा है, उसे डराया, धमकाया जा रहा है. लेकिन वो डरा हुआ है या दूसरों को डरा रहा है, इसका उदहारण उत्तर प्रदेश के मेरठ में उस समय देखने को मिला जब पैंठ में सामान खरीदने गई हिन्दू समुदाय की युवती से मुस्लिम समुदाय के दो उन्मादियों ने छेड़छाड़ शुरू कर दी. युवती ने इसका विरोध किया तो उसके साथ मारपीट शुरू कर दी तथा उसका सिर फोड़ डाला.

उन्मादी यहीं नहीं रुके बल्कि उन्होंने युवती के घर पर हमला बोल दिया और उसके परिजनों की जमकर पिटाई की. इसके बाद क्षेत्र में तनाव की स्थिति पैदा हो गई. घटना को लेकर गांव में तनाव को देखते हुए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात करना पड़ा. बताया गया है कि सिसौला खुर्द गांव के रहने वाले जाट(हिन्दू) समुदाय के एक व्यक्ति की 20 वर्षीय पुत्री गांव में लगने वाली साप्ताहिक पैंठ में सामान खरीदने गई थी. आरोप है कि इसी दौरान पड़ोस के सिसोला कला गांव में रहने वाले जावेद नाम के युवक ने युवती पर छींटाकशी शुरू कर दी. युवती के विरोध करने पर आरोपी ने उस पर डंडे से हमला बोलकर युवती का सिर फाड़ डाला.

लहूलुहान पीड़िता ने घर जाकर परिजनों को घटना की जानकारी दी तो परिजन शिकायत के लिए थाने के लिए रवाना हुए. मगर इसी दौरान आरोपी पक्ष के गांव के संप्रदाय विशेष के 2 दर्जन से अधिक लोगों ने पीड़ित के घर पर हमला बोल दिया. आरोप है कि दूसरे पक्ष ने युवती पक्ष के लोगों को सड़क पर दौड़ा दौड़ा कर पीटा, जिसके चलते युवती का पिता और तीन भाई भी गंभीर रूप से घायल हो गए. उधर, हंगामा होते देख ग्रामीणों ने आरोपियों को ललकारा तो वह मौके से फरार हो गए.

घटना के बाद गांव में तनाव फैल गया और मौके पर सैकड़ों ग्रामीणों की भीड़ लग गई. घटना से गुस्साए सैकड़ों ग्रामीणों ने जानी थाने का घेराव करते हुए जमकर हंगामा किया. जिसके बाद एसपी देहात अविनाश पांडे सहित कई थानों की फोर्स मौके पर पहुंची. अधिकारियों ने हंगामा कर रहे ग्रामीणों को किसी प्रकार शांत करते हुए आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी का आश्वासन दिया. गाँव में स्थिति न बिगड़े, इसके लिए भारी पुलिस बल की तैनाती भी की गई.

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