फेसबुक पर प्यार करके वो मॉडर्न और सेक्यूलर हिन्दू लड़की बन गई अपनी मर्जी की मालिक.. और अब है इस अंजाम पर

वो कहती थी कि ये हिन्दू संगठन व्यर्थ में हिन्दू मुस्लिम करते रहते हैं तथा समाज में नफरत फैलाते रहते हैं. इस दुनिया में कुछ भी हिन्दू मुसलमान आदि नहीं होता तथा सब इंसान होते हैं. माथे पर तिलक लगा लिया, गले में भगवा डाल लिया तथा हिन्दू संगठन से जुड़कर नफरत फैलाना शुरू कर दी. उसके अनुसार ये भगवा संगठन समाज के दुश्मन थे तथा वह इनसे बचकर रहने की सलाह देती थी. उसको छद्म धर्मनिरपेक्षता के ये सिद्धांत उसके परिजनों ने ही सिखाये थे. लेकिन शायद वो नहीं जानते थे कि ये आगे चलकर उन्हीं के लिए नासूर बनने वाले हैं.

एक दिन फेसबुक पर युवती को सैय्यद उर्फ़ होमा नामक व्यक्ति की फ्रेंड रिक्वेस्ट आई, जिसे उसने स्वीकार कर लिया. दोनों की दोस्ती हुई, बातें होने लगीं. फिर वो हुआ जिसकी कल्पना युवती के परिजनों ने नहीं की थी. सैय्यद उर्फ़ होमा उस युवती को लेकर अपने साथ फरार हो गया. अब युवती के परिजनों ने पुलिस में शिकायत देकर उसकी सलामत वापसी की गुहार लगाई. युवती के परिजनों ने आशंका जताई है कि उसकी बेटी को बहला फुसलाकर अपहरण किया गया ताकि उसका धर्मान्तरण किया जा सके.

मामला बिहार के आरा का है. पुलिस ने इस मामले में कार्यवाई करते हुए आरोपित सैय्यद तथा युवती को ढूंढ निकाला तथा सैय्यद को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है. जानकारी मिली है आरोपित सैय्यद ल रूप से उत्तर प्रदेश के बलिया जिला के सिकंदरपुर गांव निवासी मो. ज़ुबैर अहमद का पुत्र है, जो वर्तमान में अपने ननिहाल झारखंड के हजारीबाग, लोहर सिघा में रहता है, जिसने फेसबुक के माध्यम से युवती को  जाल में फंसाया ताकि उसका धर्मान्तरण किया जा सके.

लड़की गायब हो पर पिता ने संबंधित थाना में अपहरण का केस दर्ज कराया था. स्थानीय दारोगा एसके सिंह ने गुप्त सूचना के आधार पर एक पखवारे बाद गुरुवार की देर शाम आरा के स्टेशन रोड से सैय्यद को लड़की के साथ पकड़ लिया. पुलिस ने सदर अस्पताल आरा में लड़की की मेडिकल जांच कराई. पुलिस ने शुक्रवार को लड़की का बयान 164 के तहत कोर्ट में दर्ज कराया. पुलिस ने शुक्रवार को आरोपित लड़के को स्थानीय कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया.

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