कांग्रेस शासित राजस्थान के मुख्यमंत्री व उपमुख्यमंत्री का मौत के ख़त में नाम लिखकर जीवन त्याग दिया किसान ने.. एक और अन्नदाता दुनिया से विदा

अन्नदाता किसानों की समस्याओं का उचित समाधान तथा कर्जमाफी का वादा कर राजस्थान की सत्ता हासिल करने वाली कांग्रेस की सरकार अपने वादों पर खरी उतरती हुई नज़र नहीं आ रही है बल्कि कांग्रेस नेताओं के ये वादे अन्नदाता किसान की जान पर बनते हुए नजर आ रहे हैं. आपको बता दें कि राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले के रायसिंहनगर क्षेत्र के ठाकरी गांव में किसान सोहनलाल मेघवाल ने रविवार दाेपहर में जहर खाकर खुदकुशी कर ली. मौके से एक सुसाइड नोट बरामद हुआ है, जिसमें इस ने खुद की मौत का जिम्मेदार मुख्यमंत्री अशोक गहलोत व ​उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट को ठहराया है.

प्राप्त हुई जानकारी के मुताबिक किसान सोहनलाल मेघवाल राज्य सरकार द्वारा कर्ज माफ की घोषणा करने के बाद भी कर्ज माफ़ नहीं होने को लेकर परेशान था. सोहनलाल के सिंडिकेट व ओबीसी बैंक खातों में लगभग तीन लाख रुपए के करीब बैंक का ऋण होने के कारण बैंक की तरफ से लगातार दबाव बनाया जा रहा था. इस वजह से उसने अपने घर पर जहरीले पदार्थ का सेवन कर लिया. उसे गंभीर अवस्था में इलाज के लिए रायसिंहनगर के सरकारी स्पताल में लाया गया. उपचार के दौरान मौत हो गई.

बताया गया है कि सुसाइड से पहले किसान ने साेशल मीडिया पर मैसेज डाला ‘भाइयाें अंतिम राम-राम’. ठाकरी के लाेगाें ने जैसे ही मैसेज देखा तत्काल किसान के घर पहुंच गए. देखा ताे साेहनलाल लाल की हालत गंभीर थी. उसे ग्रामीण व परिजन तत्काल रायसिंहनगर अस्पताल लाए. जहां से उसे श्रीगंगानगर रैफर किया गया, मगर रास्ते में मौत हो गई. वहीं किसानों नेताओं ने सोहनलाल द्वारा सुसाइड करने की घटना पर आक्रोश जताते हुए जमकर नारेबाजी की और शव का पोस्टमार्टम नहीं करने देने पर अड़ गए. हालांकि बाद में पुलिस-प्रशासन ने कर्जा तुरंत माफ़ करने का आश्वाशन देकर पोस्टमार्टम के लिए परिजनों को राजी किया तथा पोस्टमार्टम करवाकर शव का अंतिम संस्कार करवा दिया.

उधर, किसान सोहनलाल द्वारा सुसाइड नोट में किसानों का कर्ज माफ़ नहीं करने के चलते मुख्यमंत्री अशोक गहलोत व उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट को जिम्मेदार बताने के बाद किसान नेताओं ने उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग करते हुए आंदोलन की चेतावनी दी है. डीएसपी जयसिंह तंवर ने बताया कि मामले में चुनाव के समय जो किसानों का कर्जा माफ़ करने की बात कहीं थी वह पूरी नहीं होने पर किसान ने आत्महत्या का कदम उठाया है. इसकी जाँच की जा रही है. उसके बाद आगामी कारवाई की जायेगी.

किसान ने ये लिखा सुसाइड नोट में

मैं साेहनलाल कड़ेला आज अपनी जीवनलीला समाप्त करने जा रहा हूं. इसमें किसी का काेई दाेष नहीं है. इस माैत के जिम्मेदार गहलाेत, सचिन पायलट हैं. उन्होंने वादा किया था कि दस दिन में आपका कर्जा माफ कर देंगे, हमारी सरकार आई ताे. अब इनके वादे का क्या हाेगा. भाइयाें से विनती है कि मेरी लाश तब तक न उठाना जब तक सभी भाइयाें का कर्ज माफ न हाे. आज सरकार झुकाने का वक्त आ गया है. अब इनका मतलब निकल गया है. सभी भाइयाें से विनती है. मैं किसान भाइयाें के लिए मरने जा रहा हूं. सबका भला हाेना चाहिए. किसान की एकता काे आज दिखाना है. मेरी माैत का मुकदमा अशाेक गहलाेत पर कर देना. यह आपसे विनती है. मेरे गांव ठाकरी के वासियाें से विनती करता हूं कि गांव में एकता बनाए रखना. मेरा घर, मेरा परिवार आप लाेगाें के भराेसे छाेड़कर जा रहा हूं. मेरे परिवार का ख्याल रखना…

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