कुछ जगहों पर धर्म जाति से ऊपर उठने की सलाह दी जा रही थी, लेकिन यहां तो हो गया बवाल.. किस शो को बताया गैर इस्लामिक


कला का कोई धर्म नहीं होता, कला की कोई जाति नहीं होती.. यहाँ तक कि कला को सीमाओं में भी नहीं बांधा जा सकता है. तमाम कथित सेक्यूलर बुद्धिजीवी, विचारक अक्सर इस तरह की बातें करते रहते हैं. कुछ जगहों पर सेक्यूलरिज्म के स्वघोषित ठेकेदार सलाह दे रहे थे कि धर्म और जाति से ऊपर उठिए.. लेकिन शायद उनकी ये सलाह एक एजेंडे के तहत होती हैं या फिर एक विशेष वर्ग के लोगों पर ये सलाह लागू नहीं होती है.

काश्मीर में रौद्र रूप में आई भारतीय सेना.. मार डाले लश्कर के 4 इस्लामिक आतंकी

यही तो हुआ है देश की राजधानी दिल्ली स्थित शिक्षण संस्थान जामिया मिलिया इस्लामिया में जहाँ एक शो को गैर इस्लामिक बताते  हुए  कदर बवाल काटा गया  कि शो को रद्द करना पड़ा. आश्चर्य इस बात का है कि कला की स्वतंत्रता के ठेकेदार, धर्म-जाति से ऊपर उठने की बात करने वाले लोग इस शो के रद्द किये जाने पर मौन हैं. खबर के मुताबिक़, कट्टरपंथी छात्रों के विरोध के कारण जामिया मिलिया इस्लामिया के फैकल्टी ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नॉलजी (FET) की ओर से आयोजित होने वाला फैशन शो शनिवार को रद्द कर दिया गया. कट्टरपंथियों का आरोप था कि यह कार्यक्रम ‘इस्लामिक आचार’ और जामिया की ‘तहजीब’ के खिलाफ है.

1 अप्रैल – संघ संस्थापक डॉ हेडगेवार जी जयंती. वो महान व्यक्तित्व जिनकी जंग गुलामी के साथ आज़ादी के नकली ठेकेदारों से भी हुई

तर्ज ए लिबास’ नाम का यह कार्यक्रम एफईटी के सालाना फेस्ट एक्सटेसी के तहत शनिवार को आयोजित होना था. स्टूडेंट्स ऑफ जामिया के बैनर तले इस कार्यक्रम का विरोध यह  कहते हुए शुरू कर दिया गया कि ये कार्यक्राम इस गैर इस्लामिक है तथा किसी भी हालात में इस कार्यक्रम को नहीं होने दिया जाएगा. तीव्र विरोध के सामने जामिया प्रशासन झुक गया तथा शो को रद्द कर दिया गया.

पड़ोसी का मतलब क्या है, इसको खुलकर बतायेंगे महेश भट्ट ? किस पड़ोसी का नाम लिया उन्होंने ट्विटर पर और किसने दिया जवाब?


सुदर्शन के राष्ट्रवादी पत्रकारिता को आर्थिक सहयोग करे और राष्ट्र-धर्म रक्षा में अपना कर्त्तव्य निभाए
DONATE NOW

Share