संभल के बलिदानी सिपाहियों की आत्मा को मिली शान्ति.. हत्यारा शकील सदा के लिए खामोश

ये वो खबर थी जिसको सुनने के लिए न सिर्फ पुलिस वालों के बल्कि उत्तर प्रदेश के उन तमाम लोगों के कान तरस रहे थे जो वर्दी का सम्मान करते थे . उन तमाम लोगों के दिल को और बलिदानी सिपाहियों की आत्मा को शांति और सुकून देने वाला है जिन्होंने अभी कुछ समय पहले अपनी ही आँख से देखा था वो वीभत्स और बेहद दर्दनाक हिला देने वाला मंजर जो बताने के लिए काफी था कि किस हालत में समाज की रक्षा कर रहे हैं हमारे रक्षक उत्तर प्रदेश पुलिस वाले..

ध्यान देने योग्य है कि उत्तर प्रदेश की संभल पुलिस ने आख़िरकार अपना बदला ले ही लिया है .. पेशी से ले कर लौट रहे 2 सिपाहियों के बलिदान के जिम्मेदार ढाई लाख के इनामी भगोड़े शकील को आखिरकार ढेर करते हुए एक बार फिर से उत्तर प्रदेश पुलिस ने मुस्कान बिखेर दी है समाज के चेहरे पर . संभल पुलिस के ऊपर उठने वाली तमाम उँगलियाँ भी अब नीचे की तरफ हो गई हैं क्योकि इसका नेतृत्व खुद पुलिस अधीक्षक यमुना प्रसाद कर रहे थे जिन्होंने आमने सामने की मुठभेड़ में ये साहसिक कार्य किया .

शकील से पुलिस की ये जंग राजपुरा थाना क्षेत्र के मौलन पुर के जंगली क्षेत्र में हुई .. अपराधी शकील की तरफ से चली गोली से संभल के SP बाल बाल बचे हैं और गोली उनके बुलेट प्रूफ जैकेट से टकराने की खबर है .. इस से पहले सिपाहियों की हत्या के दोषी अपराधी कमल को मार गिराया गया था . इन अपराधियों को पुलिस जोर शोर से तलाश रही थी और अब केवल धर्मपाल ही रह गया है जिसका कानूनी हिसाब होना बाकी है.. अपराधी शकील के मारे जाने से हर वर्ग में ख़ुशी की लहर है .


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