बंगाल की जिस IPS को हद से ज्यादा प्रताड़ना मिली थी ममता सरकार में.. अब वही थाम चुकी है कमल का फूल

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी तथा भारतीय जनता पार्टी के बीच सियासी महासंग्राम दिलचस्प होता जा रहा है. ममता बनर्जी किसी न किसी बहाने से केंद्र की मोदी सरकार से सीधी टक्कर ले रही है. इस बहाने ममता बनर्जी की कोशिश है कि वह प्रधानमन्त्री मोदी के खिलाफ विपक्ष का प्रमुख चेहरा बनना चाहती हैं. ममता बनर्जी तथी बीजेपी के बीच जारी सियासी महामंग्राम के बीच पश्चिम बंगाल से बीजेपी की तरफ से बड़ी खबर सामने आई है. खबर के मुताबिक़, पूर्व IPS अधिकारी घोष ने सोमवार को भारतीय जनता पार्टी का दामन थाम लिया है.

आपको बता दें कि एक समय भारती घोष को ममता बनर्जी का बेहद करीबी माना जाता था. लेकिन बाद में ममता बनर्जी और भारती घोष के बीच तनाव तथा टकराव की खबरें भी सामने आईं. इसके लिए आईपीएस भारती घोष को प्रताड़ना भी सहनी पड़ी. भारती घोष ने बीते दिसंबर में अपने पद से त्यागपत्र दे दिया था. सोमवार को भारती घोष केन्द्रीय मत्री रविशंकर प्रसाद, कैलाश विजयवर्गीय और मुकुल रॉय के समक्ष भाजपा में शामिल हुईं.

भाजपा में शामिल होने के बाद भारती घोष ने कहा कि बंगाल में लोकतंत्र नहीं है, उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में अपराधीकरण, ठग और तानाशाही ने लोकतंत्र का स्थान ले लिया है. उन्होंने ममता बनर्जी के सत्याग्रह पर निशाना साधते हुए कहा कि सत्याग्रह तब करना चाहिए था जब लाखों लोगों का पैसा गया, उन्होंने कहा कि धरने से जांच को रोकना असत्याग्रह है. उन्होंने कहा कि बंगाल में लोकतंत्र की स्थापना के लिए भारतीय जनता पार्टी की सरकार आना जरूरी है. उन्होंने कहा कि जिस तरह से केंद्र में मोदी जरूरी हैं, वैसे ही बंगाल में भी बीजेपी जरूरी है. उन्होंने कहा कि वह राज्य में बीजेपी को मजबूत करने के लिए काम करेंगी.

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