दिल्ली महिला आयोग और दिल्ली पुलिस ने चार नाबालिग लड़कियों को सूरत, गुजरात से रेस्क्यू करवाया

दिल्ली महिला आयोग को दिल्ली के किराड़ी से 3 जुलाई को 4 लड़कियों के गायब होने सूचना मिली | दो लड़कियां जिनकी उम्र 17 साल और 15 साल थी,  सगी बहिनें थीं, जबकि दो अन्य 14  साल की लड़कियां उनकी पडोसी थीं | लड़कियों के माता पिता ने इनकी गुमशुदगी की सूचना दिल्ली के प्रेमनगर थाने में दर्ज करवाई साथ ही उन्होंने दिल्ली महिला आयोग की महिला पंचायत से संपर्क किया | महिला पंचायत ने तुरंत इस मामले की जानकारी दिल्ली महिला आयोग को दी |
महिला पंचायत की मेंबर इंचार्ज फिरदौस खान ने तुरंत इस मामले को दिल्ली पुलिस के समक्ष रखा और दिल्ली पुलिस और दिल्ली महिला आयोग की एक संयुक्त टीम का गठन हुआ | लड़कियों के माता पिता ने बताया कि लड़कियां हज़रत निजामुद्दीन स्टेशन से ट्रेन पर बैठी हैं | टीम तुरंत रेलवे स्टेशन पहुंची और सीसीटीवी फुटेज चेक की | फुटेज देखने पर पता चला कि लड़कियां मुंबई जाने वाली ट्रेन में चढ़ी हैं |
लड़कियों के फोटो तुरंत मुंबई पुलिस को भेजे गए, उन्होंने मुंबई में लड़कियों को तलाश किया | आयोग की टीम ने गुमशुदा लड़कियों के सोशल मीडिया अकाउंट चेक किये तो पता चला कि एक लड़की ने एक अनजान आदमी के साथ लड़कियों की एक फोटो फेसबुक पे डाली हुई थी | जब लड़कियों के दोस्तों से पूछताछ की गयी तो उन्होंने बताया कि वो उस आदमी को नहीं जानते |
19 जुलाई को एक लड़की ने अपने माता पिता को फ़ोन किया और बताया कि अभी वे सूरत में हैं और दिल्ली वापस आना चाहती हैं | उसके बाद एक आदमी ने लड़की के पिता को फ़ोन किया कि लड़कियाँ उसके साथ पिछले 18 दिन से उसके साथ रह रही हैं, और उनके परिवार वाले उनको ले जा सकते हैं |
दिल्ली महिला आयोग की सदस्य फिरदौस खान ने तुरंत पुलिस उपायुक्त से संपर्क किया जिन्होंने सूरत जाने के लिए एक टीम का गठन किया | दिल्ली पुलिस लड़कियों को दिल्ली वापस लेकर आयी और उनको अदालत के समक्ष पेश किया, और अब उनको उनके माता पिता को सौंप दिया है |
लड़कियों ने बताया कि वे बॉलीवुड अभिनेत्री बनना चाहती थीं, इसलिए फिल्म इंडस्ट्री में करियर बनाने के लिए घर से भाग गयीं | मगर वे सूरत में उतर गयीं और एक आदमी से मिलीं, वह उनको अपने घर ले गया और उनका सामान ले लिया | लड़कियों ने बताया कि उस आदमी ने उन्हें किसी तरह से परेशान तो नहीं किया, मगर वे वहां रहते रहते परेशान हो गयीं इसीलिए उन्होंने अपने माता पिता को उन्हें दिल्ली वापस ले जाने के लिए  फ़ोन किया |
दिल्ली महिला आयोग  अध्यक्षा स्वाती मालीवाल ने कहा, “दिल्ली पुलिस और दिल्ली महिला आयोग के संयुक्त प्रयास से चार लड़कियों को बचा लिया गया | मैं यह सोच कर ही कांप उठती हूँ कि अगर ये लड़कियां सही समय पर न बचायी जातीं, तो इनके साथ क्या होता | मैं सभी माता पिता से यह आग्रह करती हूँ कि वे समय समय पर अपने बच्चों से बात  और उनको घर से भागने के खतरों के बारे में आगाह कराएं | साथ ही पुलिस को इस मामले में मानव तस्करी के एंगल को भी ध्यान में रखते हुए ठीक से  जांच करनी चाहिए |”
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