दलित नाबालिग बच्ची का गैंगरेप पुलिस के ही खाली मकान में करके इमरान व उसके साथियों ने दी समाज व क़ानून को चुनौती


हरियाणा के नूंह से 12 वर्षीय दलित नाबालिग बच्ची के साथ क्रूरतम सामूहिक दुष्कर्म का मामला सामने आया है जहाँ इमरान व उसके साथी ने पुलिसकर्मी के खाली पड़े मकान में नाबालिग के साथ गैंगरेप किया तथा न सिर्फ समाज बल्कि कानून को भी सीधी चुनौती दी है. पुलिस ने इस मामले में दोनों बलात्कारियों को गिरफ्तार कर लिया है, जिनकी पहिचान इमरान उर्फ ढक्कन, मूली उर्फ हाकम व रिजवान के रूप में हुई है. आरोपियों के खिलाफ पोक्सो एक्ट, एससी-एसटी एक्ट, अपहरण, जान से मारने की धमकी सहित अन्य धाराओं के तहत केस दर्ज किया है.

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खबर के मुताबिक़, पिछले रविवार को सुबह करीब 6 बजे साइकिल पर घर से पुरानी अनाजमंडी स्थित एक मकान में लस्सी लेने के लिए गई नाबालिग लड़की जब घर के लिए वापस लौट रही थी तो बाइक सवार दो लड़कों ने नाबालिग का अपहरण कर लिया. कई घंटे इधर-उधर घुमाते हुए शाम करीब पांच बजे नूंह के चुहीमल तालाब समीप एक मकान में ले जाकर आरोपियों ने कई घंटे दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया. रात करीब 9 बजे नाबालिग लड़की किसी तरह चंगुल से छूटकर अपने घर पहुंची और परिजनों को आपबीती बताई.

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हैवानों ने नाबालिग से दुष्कर्म की वारदात को एक पुलिसकर्मी के बंद पड़े मकान में अंजाम दिया. चुहीमल तालाब स्थित पुलिसकर्मी के मकान में कोई नहीं रहता. आरोपियों ने इसका फायदा उठाकर मकान में घुसकर नाबालिग लड़की को बंधक बनाकर दुष्कर्म किया. मंगलवार को डीएसपी इंद्रजीत व एसएचओ महेंद्र पुलिसबल के साथ वारदात स्थल की जांच करने पहुंचे. सुबह लड़की जब लस्सी लेकर काफी देर तक नहीं पहुंची तो परिजनों ने गुम होने की सुबह करीब 10 बजे पुलिस चौकी जाकर शिकायत दी.

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पीड़ित परिवार का आरोप है कि पुलिस को सूचना व शिकायत देने के बाद पुलिसकर्मियों ने आश्वासन देने के बजाए खुद ढूंढने की बात कहकर टरका दिया. पुलिसकर्मियों ने कहा कि पहले तुम ढूंढो हम बाद में ढूंढेंगे. परिजनों के बार-बार गुहार लगाने के बाद पुलिस ने रविवार शाम करीब 5 बजे गुमशुदगी का मुकदमा दर्ज किया. पीड़िता के परिजनों का कहना है कि स्थानीय पुलिस मामले को गंभीरता से लेती और तुरंत लड़की को ढूंढने की कोशिश करती तो मासूम दरिंदगी का शिकार होने से बच जाती, लेकिन पुलिस ने इस मामले को हलके में लिया.

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