किताबों में वीर सावरकर को देखकर भड़क गया उस दल का छात्र समूह जो 2019 चुनावों में फिर से दिखा सकता है जनेऊ

वो राजनैतिक दल जो अपने राष्ट्रीय अध्यक्ष को जनेऊधारी हिन्दू बताता है तथा इसी को लेकर अगला आम चुनाव भी लड़ना चाहता है लेकिन उसी राजनैतिक दल का छात्र संगठन किताबों में आजादी आन्दोलन के अमर योद्धा हुतात्मा वीर सावरकर को देखकर भड़क गया है. जी हाँ, ह्म बात कर रहे हैं वर्तमान में देश की मुख्य विपक्षी राजनैतिक पार्टी कांग्रेस की स्टूडेंट युनियन NSUI की. आपको बता दें कि गोवा के पाठयक्रम में वीर सावरकर को शामिल किये जाने पर NSUI ने गोवा सरकार पर शिक्षा के भगवाकरण का आरोप लगाया है.

आपको बता दें कि  कांग्रेस की स्टूडेंट विंग नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (NSUI) ने बुधवार को कहा कि दसवीं कक्षा की सोशल साइंस की किताब से जवाहर लाल नेहरू की फोटो हटा दी गई है. नेहरू के फोटो की जगह अब हिन्दूराष्ट्रवाद के प्रवर्तक और आजादी की लड़ाई लड़ने वाले विनायक सावरकर की फोटो लगा दी गई है. एनएसयूआई गोवा चीफ अहराज मुल्ला ने कहा, ‘यह बहुत दुखद है कि बीजेपी ने टेक्स्ट बुक से नेहरू की फोटो हटाकर सावरकर की फोटो लगा दी.’ मुल्ला ने कहा कि बीजेपी ‘इतिहास को बदलने’ की कोशिश कर रही है. कल वे महात्मा गांधी की फोटो हटा देंगे और सवाल पूछेंगे कि कांग्रेस ने 60 साल में क्या किया. उन्हें यह तय करना होगा कि वे इतिहास चेंज ना करें. हमारे पूर्वजों ने हमें यह दिया है. इंडिया एंड द कंटेम्परेरी वर्ल्ड 2-डेमोक्रेटिक पॉलिटिक्स, इतिहास और पॉलिटिकल साइंस की किताब है. इसके आखिरी संस्करण में पेज नंबर 68 पर 1935 की सेवाग्राम आश्रम की एक फोटो है. इसमें महात्मा गांधी और मौलाना आजाद के साथ नेहरू की फोटो है. नेहरू की फोटो की जगह अब सावरकर की तस्वीर लगा दी गई है.

NSUI का कहना है कि किताबों में सावरकर को जगह देना शिक्षा का भगवाकरण करना है. NSUI का मानना है कि गोवा सरकार संघ के एजेंडे पर काम कर रही है तथा एक साजिश के तहत सावरकर को स्कूली पाठ्यक्रम में जगह दी गयी है ताकि संघ के हिन्दू राष्ट्रवाद के एजेंडे को लागू किया जा सके. NSUI ने कहा है कि गोवा सरकार को सावरकर को किताब से हटाना ही होगा वरना NSUI प्रदर्शन करेगी.

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