कभी UP की राजधानी लखनऊ से अपराध कर के अपराधी भागते थे बाराबंकी की तरफ.. लेकिन अब बदल गये हैं हालात और वो बन चुका है अपराध की “लक्ष्मण रेखा”

ये बात कुछ समय पहले की है , जब उत्तर प्रदेश पुलिस की सक्रियता के आधार पर जब जनपदों की जब जिला स्तर पर रैंकिंग गिनी जाती थी तो जनपद बाराबंकी का नम्बर काफी पीछे आता था.. राजधानी लखनऊ से सटा होने के चलते लखनऊ की हाईटेक और बेहतर संसाधन युक्त पुलिस के कार्यो की गूँज में यहाँ के पुलिस बल के कार्य दब जाया करते थे.. उसके बाद पडोस में जनपद अयोध्या है जहाँ की विश्वस्तरीय खबरों में बाराबंकी कही खो सा जाता था .

इसके तमाम वजहों में एक वजह ये भी थी कि उस समय बाराबंकी पुलिस को कोई ऐसा नेतृत्व नही मिला था जो इस कड़ी प्रतिस्पर्धा में उसको प्रदेश स्तर पर शीर्ष लिस्ट में ले जाने का प्रयास करे.. लेकिन पिछले कुछ समय से अचानक ही यहाँ ऐसा लगने लगा है कि जैसे किसी ने एक बड़ी दस्तक दी है जिसने न सिर्फ अपराधियों को थर थर कांपने पर मजबूर कर दिया है बल्कि मीडिया को भी उस तरफ ध्यान देने के लिए मजबूर कर दिया है. अब बाराबंकी गुमनाम नही रहा इतना तो तय है .

कई ऐसे उदहारण मिल जायेगे इतिहास के जब बड़े बड़े नौकरीपेशा लोगों और बड़े बड़े व्यापारियों से भरे लखनऊ से अपराध कर के अपराधी बाराबंकी की तरफ भागा करते थे.. शायद इतिहास में वो उन्हें सुरक्षित स्थान लगता रहा होगा.. पर अब एक हालत बदल चुके हैं और अब वही बाराबंकी उन्हें अपने लिए किसी दोजख से कम नहीं लग रहा है.. परित्राणाय साधुना विनाशाय च दुष्कृतम का सिद्धांत वर्तमान समय में अगर कही पूरी तरह से लागू दिख रहा है तो वो जनपद है बाराबंकी .

इन सभी परिवर्तन के अगुवा बने है वर्तमान समय में बाराबंकी पुलिस के मुखिया SP बाराबंकी आकाश तोमर जी.. पुलिस बल वही , थाने वही , चौकियां वही लेकिन अगर कुछ बदला है तो वो है काम करने और काम करवाने का नजरिया और तरीका.. जमीनी स्तर पर जब बाराबंकी जनपद के पुलिस बल की पड़ताल सुदर्शन न्यूज प्रतिनिधि द्वारा की गई तो सबसे बड़ा परिवर्तन ये रहा कि अब सज्जन शक्तियाँ और पीड़ित व्यक्ति थाने और चौकियो पर जाने से न संकोच करता है और न ही डरता है ..

इस परिवर्तन को सज्जन शक्तियों द्वारा अपराध और अपराधी के प्रति प्रतिकार की क्षमता को बढना कहा जा सकता है जिसके सूत्रधार निश्चित तौर पर IPS आकाश तोमर हैं. संक्षेप में इस से ये लाभ हुआ कि अब गली मोहल्ले में छोटी छोटी हरकतें करने वाले छुटपुट अपराधियों की भी गतिविधियाँ थाने पहुचने लगीं हैं और पुलिस की नजर मोस्ट वांटेड अपराधियों से ले कर उभरते असामाजिक पर भी बराबर बनी हुई है और कई बार अपराध होने से पहले ही सख्ती से कुचले जा रहे हैं .

IPS आकाश तोमर जी का इस से पहले कार्यकाल संतकबीर नगर में बेहद सफल रहा है .. कहना गलत नहीं होगा कि संतकबीरनगर से रोकी गई पारी ही अब वो आगे बाराबंकी से खेल रहे हैं . योगी आदित्यनाथ जी के गृह जनपद से सटे संतकबीर नगर की जिम्मेदारी एक कप्तान के रूप में मिलने के बाद उनके ऊपर बड़ी जिम्मेदारी थी जिस पर वो खरे उतरे और उसके चलते ही अब उन्हें राजधानी के बगल मौजूद जनपद की जिम्मेदारी दे दी गई है . मतलब अब भी वो मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कार्यालय के बगल ही है.

अगर आंकड़ो की बात की जाय तो महिलाओ के विरुद्ध अपराध, बाल अपराध में वर्तमान समय में जनपद बाराबंकी अन्य कई जनपदों से कहीं बेहतर स्थिति में है.. पुलिस द्वारा फरियादी के साथ दुर्व्यवहार आदि की खबरें तो इस जनपद से न के बराबर हैं जो कि कई अन्य जिलो के लिए सबसे बड़ी समस्या हुआ करती है और DGP के साथ मुख्यमंत्री तक जवाबदेही का विषय बना करती है . यहाँ की एक और खासियत है कि रसूखदार और सामान्य दोनों ही एक तराजू में तौले जाते हैं कानूनी कार्यवाही के समय .

साम्प्रदायिक सौहार्द के नजरिये से ये जनपद बेहद शांत और संतुलित है.. मिश्रित आबादी होने के बाद भी यहाँ पर किसी प्रकार की ऐसी घटना नहीं हुई जो उन्मादी कही जा सके. शंतिप्रेमियो को बाराबंकी पुलिस में विश्वास है और उन्मादी तत्वों में उसी बाराबंकी पुलिस का खौफ.. उन तमाम उपलब्धियों में से ये उपलब्धि कि अपराधी अब लखनऊ से बाराबंकी की तरफ नहीं भागता बल्कि बाराबंकी से कई अन्य दिशाओ की तरफ पनाह मांगता है , सबसे उम्दा मानी जा सकती है .. बाराबंकी को अपराध की लक्ष्मण रेखा बेहद कम समय में बनाने वाले IPS आकाश तोमर को वहां की जनता द्वारा चौराहों , बाजारों और गावों की चौपालों में धन्यवाद देते कई जगहों पर सुना जा सकता है ..

IPS आकाश तोमर  – 

 

 

 

 

 

 

 

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