गाय बचाने गये पुलिसवालों पर भयानक पत्थरबाजी… घटना कश्मीर की नहीं बल्कि एक ऐसे प्रदेश की जिसे माना जाता है सुरक्षित

पिछले दिनों पूरे देश ने देश ने देखा कि किस तरह मॉब लिंचिंग को लेकर सड़क से संसद तक हंगामा हुआ. न सिर्फ राजनेता बल्कि तथाकथित बुद्धिजीवियों ने मॉब लिंचिंग की आड़ में न सिर्फ अप्रत्यक्ष रूप से गौ तस्करी का समर्थन किया बल्कि गौरक्षकों को ही कटघरे में खड़ा कर दिया. लेकिन गौहत्या पर चुप्पी लेकिन तथाकथित मॉब लिंचिंग पर हंगामे के दुष्परिणाम सामने आने लगे है. सड़क से संसद तक जिन गौ हत्यारो के लिए हंगामा मचाया गया उन गौहत्यारों ने अब वो हिंसक स्वरूप दिखाना शुरू कर दिया जो किसी के भी रोंगटे खड़े कर देने के लिए काफी है.

हाल ही में हाल ही में उत्तर प्रदेश के औरैया जनपद में मजहबी उन्मादी गौहत्यारों ने तीन गौरक्षक संतों का क्रूरतम तालिबानी अंदाज में क़त्ल किया था तो अब उनका निशाना बनी है कानून की रक्षक खाकी वर्दी. मामला गुजरात के गोधरा का है. खबर के मुताबिक़, गुजरात के गोधरा में गोवध के लिए लायी गयी गायों को बचाने गयी पुलिस टीम पर भीषणतम कश्मीरी अंदाज में हमला कर दिया. गोमांस के भूखे उन्मादी पुलिसवालों के खून के प्यासे हो गये. पुलिसवालों की जो ड्यूटी थी वो अपनी ड्यूटी निभा रहे थे लेकिन गौहत्यारे जानते हैं कि देश में उनके समर्थन में बड़े बड़े राजनेता तथा बुद्धिजीवी खड़े हो जाते हैं तो उनको किस बात का डर, बीएस यही सोचा उअर पुलिसवालों पर टूट पड़े.

स्थिति ये हो गयी कि गौहत्यारों के हमले से खुद को बचाने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े. गोधरा बी डिवीजन के निरीक्षक एम सी सागतयानी ने बताया कि गुप्त सूचना के आधार पर छापा मारा गया और एक खुले स्थान पर 14 गायें बंधी हुई पायी गयीं. उन्होंने बताया, ”गायों को बचाने के दौरान भीड़ ने हम पर पथराव किया. हालात पर नियंत्रण के लिए हमने आंसू गैस के नौ गोले छोड़े.” उन्होंने बताया कि गायें मुक्त करा ली गयी और दंगा, गैरकानूनी जमावड़ा, लोकसेवक के काम में बाधा डालने समेत अन्य आरोपों पर एक मामला दर्ज किया गया है. मामले में एक व्यक्ति मोहम्मद यूसुफ को गिरफ्तार किया गया है तथा बाकी आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास किये जा रहे हैं.

 

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