गुजरात के प्रसिद्ध व् पवित्र प्रभु हनुमान मंदिर में मुस्लिमों को जमा कर के होगी कव्वाली. आयोजक का नाम “राकेश पटेल”

ये शायद तथाकथित धर्मनिरपेक्षता के नए प्रतीक बन जाएँ भारत के . इन्हें यकीनन ये प्रेरणा गांधी से मिली होगी जिन्होंने कई मन्दिरो में मुस्लिमो को बुलवा कर वहां इबादत करवाई थी , भले ही वो तमाम कोशिशों के बाद किसी अन्य के प्रार्थना स्थल पर गीता पाठ आदि नहीं करवा पाए हों . उन्ही की राह पर चल निकले हैं भारत की धर्मनिरपेक्षता के नए प्रतीक बनने वाले राकेश पटेल जो गुजरात के वडोदरा के रहने वाले हैं . इन्होने अपने संगठन का नाम रखा है मारुति नंदन मंडल जिसमे वो वडोदरा में पड़ने वाले प्रसिद्ध हनुमान मन्दिर का दायित्व सम्भालते हैं और हिन्दुओं के उस पवित्र स्थल को एक सेकुलर स्थान के रूप में प्रतिस्थापित करने की जी तोड़ कोशिश कर रहे हैं ..

उनके अनुसार उस मन्दिर में कई मुस्लिम समूह के लोग भी आते हैं दर्शन करने जबकि सूत्रों का कहना है कि वहाँ के मुस्लिम अपनी मस्जिदों या अन्य इबादतगाहों में इबादत करना ज्यादा बेहतर मानते हैं ..  यहाँ पर अब तक परम्परा के अनुसार हर साल सावन के महीने में प्रभु हनुमान के भक्तों द्वारा हनुमान चालीसा और मंत्रोच्चार से गूंजता है .. ये हनुमान मन्दिर वडोदरा के तरसाली में मौजूद है जो हिन्दुओ की आस्था का एक बड़ा केंद्र माना जाता रहा है .  लेकिन आने वाले शनिवार को यहाँ एक नई परम्परा को शुरू करने की तैयारी है . इस दिन भगवान हनुमान जी की हिन्दुओ द्वारा आरती और हनुमान चालीसा के बाद बुलाये गए मुस्लिम कव्वाल कव्वाली करेंगे …ये आयोजन वही मंदिर ट्रस्ट करेगा जो मारुती मंडल नाम से इस मन्दिर को अपने अधिपत्य में ले रखा है .

इतना ही नहीं मारुति मंडल ने ही इस आयोजन के लिए सभी कव्वालों को खुद से ही न्योता दिया है। इस आयोजन को करवाने वाले श्री मारुति मंडल के अध्यक्ष राकेश पटेल का कहना है कि वह इस आयोजन के जरिए समाज में सांप्रदायिक सौहार्द्र का संदेश फैलाना चाहते हैं। वो आगे अपनी धर्मनिरपेक्षता का बयान जारी रखते हुए बताते हैं कि लोग अलग-अलग धर्मों के ईश्वर को लेकर विवाद में उलझे रहते हैं लेकिन भगवान कभी अपने भक्तों में भेदभाव नहीं करते हैं।’ यह हनुमान मंदिर एक झील के किनारे स्थित है। 3,000 की आबादी वाले इस इलाके में मुस्लिम समुदाय के 500 लोग रहते हैं।  राकेश पटेल ने टीओआई को बताया, ‘इस शनिवार को मुस्लिम कव्वालों को हिंदू श्रद्धालुओं की मौजूदगी में कव्वाली गाने के लिए बुलाया गया है। उनके साथ हिंदू श्रद्धालु भी इस जश्न में शिरकत करेंगे। हम सभी एक साथ प्रार्थना करेंगे।’ कव्वालों का ये समूह पाडरा और जंबूसर से आने वाला है .

 

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