उन सभी बच्चियों को स्कूल से निकाल दिया गया जिनके हाथों में लगी थी मेहंदी.. ये प्रदेश कश्मीर या बंगाल नहीं

अरे तुमने हाथों पर मेहंदी लगाई है..हां मैडम! रक्षाबंधन पर लगाई थी. तो मेहंदी साफ़ करके स्कूल आना चाहिए. अरे तुमने तो राखी  भी बांधी हुई है. तुम्हें पता नहीं है कि ये क्रिश्चयन स्कूल है और यहाँ सिर्फ ईसाई परंपरा निभाई जाती है. इसके बाद स्कूल प्रशासन ने छात्रों के हाथ में बंधी राखी को काट दिया तथा हाथ में मेहंदी लगी छात्राओं को स्कूल से निकाल दिया. आपको बता दें कि ये मामला किस्सी ईसाई मुल्क का या फिर भारत के कश्मीर या बंगाल का नहीं है बल्कि हिन्दू बाहुल्य माने जाने वाले गुजरात के अहमदाबाद के ईसाई स्कूल का है.

हिन्दू छात्र-छात्राओं की राखी काटने और हाथों में मेहंदी लगी छात्राओं को स्कूल से निकालने के बाद अभिभावकों ने स्कूल प्रशासन के इस फैसले को भारतीय संस्कृति का अपमान बताया है. अहमदाबाद के ईसाई स्कूल में रक्षाबंधन पर बांधी गई राखी को गांधीनगर के माउंट कार्मल स्कूल में हिन्दू छात्र-छात्राओं के हाथों से कटवाने तथा हाथों पर मेहंदी लगाकर आने वाली छात्राओं को स्कूल से निकालने की घटना के बाद एबीवीपी तथा अभिभावकों ने स्कूल के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है तथा प्रशासन से स्कूल के लोगों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही की मांग की है. अभिभावकों ने राखी व मेहंदी को लेकर स्कूल प्रशासन के रवैये को अपमानजनक व भारतीय संस्कृति का अपमान बताया है

आपको बता दें कि ईसाई मिशनरीज संस्था संचालित गांधीनगर की माउंट कार्मल स्कूल में रक्षा बंधन के बाद जब छात्र-छात्राएं पहुंचे तो स्कूल प्रशासन ने विद्यार्थियों के हाथ पर बांधी गई राखी को कटवा दिया. हाथों में मेहंदी लगाकर पहुंची कुछ छात्राओं को भी स्कूल प्रशासन ने निकाल दिया. बुधवार को अचानक इस मामले ने तूल पकड़ लिया और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं ने स्कूल के बाहर जाकर प्रदर्शन शुरू कर दिया. अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ता अब माउंट कार्मल स्कूल के शिक्षकों को राखी बांधकर भारतीय संस्क्रति व सभ्यता का अहसास कराने पर अड़े हैं. 

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