#गोधरा_कांड ..मुक्त हुईं माया.. गुजरात की एक प्रसिद्ध नारी को मिला न्याय

गुजरात के नरोदा पाटिया दंगा मामले में आज गुजरात हाईकोर्ट ने अपना फैसला सुनाया. गुजरात दंगों को लेकर न्याय की उम्मीद लगाए बैठे देश के करोड़ों हिन्दुओं तथा हिन्दू संगठनों के लिए गुजरात हाईकोर्ट का ये फैसला थोड़ी गम तो थोड़ी राहत लेकर आया है. गुजरात उच्च न्यायलय ने अपने इस फैसले में बजरंग दल के कार्यकर्ता बाबू बजरंगी को जीवन की आखिरी सांस तक जेल में रहने के निचली अदालत के फैसले को बरकरार रखा है वहीं एक अन्य आरोपी गुजरात सरकार की पूर्व मंत्री माया कोडनानी को निर्दोष करार दिया है.

बाबू बजरंगी पर कोर्ट के फैसले से निराश हिन्दुओं के चेहरे पर उस समय मुस्कान लौट आयी जब अदालत ने कहा कि इस मामले में पूर्व मंत्री माया कोडनानी को बाइज्जत बरी किया जाता है. गौरतलब है कि 26 फरवरी 2002 को गोधरा स्टेशन पर साबरमती एक्सप्रेस ट्रेन में कुछ मजहबी आक्रान्ताओं ने आग लगा दी थी जिसमें कई रामभक्तों की जलकर मौत हो गयी थी जिसके बाद सम्पूर्ण गुजरात में हिंसा हुई थी. गुजरात में हुई इस हिंसा को हमेशा से मुस्लिम विरोधी दंगे कहा जाता रहा है जबकि सच सब जानते हैं कि किस तरह से रामभक्त हिन्दुनों जिसमें महिलाएं, मासूम बच्चे तथा बुजरुग तक शामिल थे, को कितनी निर्दयता के साथ कुछ जिहादियों ने आग में जलाकर मार दिया था.

गोधरा रेलवे स्टेशन पर रामभक्तों की हुई बीभत्स हत्या के बाद 28 फरवरी 2002 को अहमदाबाद के नरोदा पाटिया में दंगे हुए थे जिसमें माया कोडनानी पर आरोप लगा था कि उन्होंने लोगों को मुस्लिमों के खिलाफ भड़काया था. जिसमें निचली अदालत ने माया कोडनानी को 28 साल जेल की सजा सुनाई थी लेकिन अब हाईकोर्ट निचली अदालत के फैसले को पलट दिया है तथा कहा ही कि नरोदा पाटिया हिंसा में माया कोडनानी पर लगे आरोपों में कोई दम नहीं है तथा उन्हें निर्दोष करार दिया. माया कोडनानी के बरी होने होने के बाद हिन्दू संगठनों में हर्ष का माहौल है तथा उन्होंने उम्मीद जताई है कि निश्चित रूप से सुप्रीम कोर्ट से बाबू बजरंगी भी माया कोडनानी की तरह बरी हो जायेंगे.

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