संघ की पहल पर पहली बार बन रहा गौ तीर्थ स्थल.. जानिए कहां और कब ?

भाजपा सरकार ने आरएसएस के साथ मिलकर लोगों के दिलों में गौ प्रेम उजागर करने के लिए एक और फैसला लिया हैं। इस फैसले में देवभूमि उत्तराखंड में जहाँ भक्त जान चार धाम यात्रा करने आते हैं वहाँ अब जल्द ही गो तीर्थ बनाया जायेगा। उत्तराखंड के सीएम त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने हरिद्वार के कटारपुर गांव में इस तरह के केंद्र की स्थापना के लिए सहमति दे दी है। केंद्र की स्थापना के लिए कटारपुर गांव को चुनने की भी एक खास वजह हैं।

एक बैठक के दौरान आरएसएस के संयुक्त महासचिव कृष्ण गोपाल और दत्तात्रेय होसाबले ने अन्य आरएसएस नेताओं के साथ सीएम रावत और राज्य के कुछ मंत्रियों से मुलाकात की। आरएसएस के क्षेत्र सामाजिक समरसता संयोजक एल पी जायसवाल भी इस मीटिंग में मौजूद थे। जहाँ यह फैसला लिया गया. बैठक में मौजोद एल पी जायसवाल ने बताया कि “बैठक में गायों की सुरक्षा, गायों के चारे की जमीन को अतिक्रमण से मुक्त कराना, गायों के लिए बनाए गए शेल्टरों को दोबारा खोलना, कटारपुर में गाय स्मारक के निर्माण और गायों की सुरक्षा के लिए बजट में बढ़ोतरी पर चर्चा हुई”।
आपको कटारपुर गांव को चुनने की खास वजह बता दे, कटारपुर गांव 1918 में गाय की हत्याओं के खिलाफ विरोध करते हुए हिंदुओं ने अपना जीवन यहाँ बिताया था। 1918 में अंग्रेजो द्वारा चार हिंदुओं को फांसी पर लटका दिया गया था और गाय की हत्याओं का विरोध करने पर 130 लोगों को काला पानी की सजा दी गयी थी। यहाँ उत्तराखंड सरकार गो तीर्थ बनाया जाएगा इसमें गायों का मैमोरियल बनाने के साथ गायों की सुरक्षा के लिए प्रदर्शनी लगाना भी शामिल है। भाजपा नेत्रृत्व उत्तराखण्ड सरकार के यह फैसला काफी सराहनीय हैं।
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