आंदोलित हुए अयोध्या, मथुरा के संत . बोले वकालत सदस्यता खत्म हो कर जेल भेजो प्रशांत भूषण को

JNU के देशद्रोही नारों का समर्थन कर के , अवैध बांग्लादेशियों को संरक्षण दे कर , बटला के आतंकियों का महिमा मंडन कर के दूषित हो चुकी दिल्ली की राजनीति में और प्रदूषण फैलाते हुए अपना खत्म हो चूका अस्तित्व तलाश रहे स्वराज अभियान के नेता और सुप्रीम कोर्ट के वकील प्रशांत भूषण द्वारा भगवान श्रीकृष्ण पर विवादित ट्वीट के विरोध में उत्तर प्रदेश का साधू समाज आंदोलित होना शुरू हो चुका है .

जगह जगह उनके विरूद्ध मुकदमें पंजीकृत होना शुरू हो चुके हैं . पूरे भारत में उनके विरुद्ध विरोधो के बीच संत समाज भी अब अपने पूज्य और आराध्य श्रीकृष्ण के सम्मान की इस लड़ाई में कूद पड़ा है. अयोध्या और मथुरा के संतों ने एक स्वर में प्रशांत भूषण को अविलम्ब गिरफ्तार करते हुए उनका वकालत लाईसेंस निरस्त करने की मांग सरकार और कोर्ट से की है . 

अयोध्या स्थित निर्मोही अखाड़ा के प्रतिनिधि महंत रामदास ने कहा कि श्रीकृष्ण सभी धर्मों के आराध्य हैं. ऐसे निकृष्ट बयान देने वाले  प्रशांत भूषण के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई तत्काल होनी चाहिए और धार्मिक स्वतंत्रता की आजादी देने वाले सुप्रीम कोर्ट से प्रशांत भूषण की सदस्यता रद्द की जानी चाहिए.

विश्व कल्याण फाउंडेशन के संदीप साईं कृष्ण ने कहा कि प्रशांत भूषण पहले भी देशद्रोही बयानदेने के लिए मशहूर रहे हैं और उनसे ऐसी धर्म विरोधी हरकतें उनकी कम्युनिस्ट विचारधारा करवा रही है . ऐसे व्यक्तियों को जिस प्रकार की विचारधारा जकडती है तो उनकी बुद्धि भ्रष्ट हो जाया करती है .

मथुरा के प्रसिद्ध संत स्वामी श्री अघोषानंद महराज ने कहा कि अन्य तमाम मामलों की तरह  सुप्रीम कोर्ट को इस मामले का भी स्वत: संज्ञान लेना चाहिए और हिन्दुओं की धार्मिक भावनाओं को आहत करने के अपराध में इस प्रशांत भूषण को अविलम्ब जेल भेजा जाए. उन्होंने कहा कि यदि समय रहते प्रशांत भूषण पर कार्यवाही ना हुई तो संत समाज सडको पर उतर कर आन्दोलन करेगा . 

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