भाजपा नेता का गला काटकर हंसता रहा वो, तब तक हंसा जब तक तड़प-तड़प कर मौत नहीं हो गई


इस घटना के बाद न तो कोई कथित लिबरल न बोल रहा है और न ही कोई कथित बुद्धिजीवी तथा लाल सलाम के नारे के पैरोकार कुछ बोल रहे हैं जबकि बेहद ही क्रूरतम तरीके से जिस बीजेपी नेता की ह्त्या की गई है वह अनुसूचित वर्ग से था. लेकिन चूँकि वो भारतीय जनता पार्टी से जुड़ा हुआ था, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ मिलकर राष्ट्र की विकास यात्रा में अपना योगदान दे रहा था, इसलिए उसकी क्रूरतम ह्त्या के बाद भी न तो लोकतंत्र खतरे में आया है और न ही किसी कथित सेक्यूलर बुद्धिजीवी को उसकी मौत का जरा भी दर्द हुआ है.

मामला बिहार के धरहरा प्रखंड  के लड़ैयाटांड थाना क्षेत्र का है जहाँ शुक्रवार को पुलिस ने भाजपा जिला अनुसूचित जाति जनजाति के जिला अध्यक्ष दिनेश कोड़ा की लाश बरामद की. भाजपा नेता की हत्या तेज धारदार हथियार से गला रेत कर की गई. पुलिस ने शव को घर से एक किलोमीटर दूर सतघरवा जलाशय के पास की घनी झाड़ियों के बीच से बरामद किया गया. पुलिस का कहना है कि हत्यारे ने टिल्लाटांड गांव के समीप हत्या की है. शव को छुपाने के लिए उसे जंगलों में फेंक दिया गया. पुलिस को वहां पर खून एवं हाथापाई के निशान मिले. शव के पास मृतक का क्षतिग्रस्त मोबाइल एवं कुछ ही दूरी पर बाइक खड़ी मिली.

मृतक बीजेपी नेता के शव के पास से भाकपा माओवादी का लाल पर्चा मिला, जिसमें पुलिस की मुखबिरी करना, पार्टी के नाम पर जनता को धोखा देना और दबदबा पैदा करने का आरोप गठित कर हत्या करने की बात लिखी गई है. बीजेपी नेता की ह्त्या काफी क्रूरतम तरीके से गला रेतकर तड़पा तड़पा कर की गई है. इस सनसनीखेज वारदात के बाद स्थानीय लोगों में रोष व्याप्त है.


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