दलाईलामा के बयान से कहीं आगे निकल गये हरियाणा के मंत्री अनिल विज… बताया गांधी का स्तर नेहरू के समय में


भारतीय जनता पार्टी के कद्दावर नेता तथा हरियाणा में मनोहर लाल खट्टर के नेतृत्व वाली भारतीय जनता पार्टी की सरकार में स्वास्थ्य मंत्री श्री अनिल विज ने महात्मा गांधी तथा जवाहर लाल नेहरू को लेकर एक ऐसा बयान दिया है जिस पर राजनीति गरमा गयी गयी है. हरियाणा के स्वास्थ्य मंत्री श्री अनिल विज ने कहा कि गांधी जी आपने समय के एक बड़े नेता थे लेकिन ये भी वास्तविकता है कि नेहरू खानदान के आगे महात्मा गांधी बोल तक नहीं पाते थे.

अनिल विज ने तिब्बती धर्मगुरु दलाई लामा की बात का नैतिक समर्थन करते हुए कहा कि नेहरू की बजाए यदि किसी और या फिर सरदार पटेल को देश का प्रधानमंत्री बनाया जाता तो न देश के टुकड़े होते और न ही पाकिस्तान और कश्मीर जैसी समस्या का जन्म होता. विज ने कहा कि नेहरू खानदान के सामने महात्मा गांधी भी बोलते नहीं थे. तिब्बती धर्मगुरु दलाई लामा ने एक कार्यक्रम में जवाहरलाल नेहरू के प्रति महात्मा गांधी के झुकाव और भारत-पाकिस्तान के विभाजन पर बयान दिया था. दलाई लामा ने कहा था कि यदि नेहरू के बजाय जिन्ना को भारत का प्रधानमंत्री बनाया जाता तो शायद भारत और पाकिस्तान का विभाजन न होता तथा महात्मा गांधी जिन्ना को प्रधानमन्त्री बनाना चाहते थे लेकिन नेहरू खुद बनना चाहते थे और यही विवाद भारत विभाजन का कारण बना.

हालाँकि मंत्री अनिल विज, जिन्ना को भारत का प्रधानमंत्री बनाए जाने की बात से तो सहमत नहीं हैं, लेकिन उन्होंने गांधी और नेहरू को जरूर कठघरे में खड़ा किया है. विज ने कहा कि सरदार पटेल को प्रधानमंत्री बनाने की सार्वजनिक मांग थी, लेकिन गांधी का नेहरू खानदान के प्रति झुकाव था और वे उनके सामने बोलते नहीं थे. उन्होंने कहा कि नेहरू के प्रधानमन्त्री बनने के बाद देश में तमाम समस्याएं उत्पन्न हुई जिसका दंश देश अभी तक झेल रहा है, जिसमें कश्मीर समस्या भी है. आपको बता दें कि दलाई लामा ने आपने बयान के लिए माफी मांग ली है.


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