बकरी का बलात्कार उसके मरने तक किया हारून ने अपने साथियों के साथ. बोले – “इंसान से बढ़ कर कुछ नहीं”

आखिर वो कौन सी सोच है जो अपनी हवस की पूर्ति के लिए दरिंदगी की सारी हदें पार कर देती हैं ? वो कौन सी सोच है जो अपनी दुराचारी सोच का शिकार कभी मासूम छोटी बच्चियों तक को भी बना लेती हैं तो कभी अपनी माँ की उम्र की महिलाओं तक को नहीं छोडती ? लेकिन इस बार तो समाज में परुष के नाम पर कलंक इसी बहसी सोच ने हैवानियत का नंगा नाच किया है तथा 8 दरिंदों ने मिलकर एक बकरी के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया, जिसके बाद बकरी की मौत हो गयी. समझ नहीं आता है कि आखिर इंसान की सोच इतनी ज्यादा नीचे कैसे गिर सकती है कि अपनी बहसी सोच में जानवरों तक को नहीं छोड़ती. ये दरिन्दे जिनके कारण स्त्री वर्ग तो छोडो जानवर भी असुरक्षित हैं, क्या इनके घर की महिलायें इनके बीच खुद को सुरक्षित महसूस करती होंगी?

इंसानियत को शर्मशार करने वाला ये मामला हरियाणा के नूंह जिले के मेवात से सामने आया है जहाँ हारून, जफ़र सहित 8 दरिंदों ने एक बकरी के साथ गैंगरेप किया, जिसके बाद बकरी ने तड़प-तड़प कर दम तोड़ दिया. बकरी के मालिक ने इस संबंध में मामला दर्ज कराया है. यह शर्मनाक वारदात मेवात के मरोड़ा गांव की है. दरअसल, 25 जुलाई की रात को जुए और शराब के आदि 8 लड़के बकरी को एक सुनसान जगह पर ले गए और बकरी के साथ अप्राकृतिक दुष्कर्म कर डाला. इस हैवानियत को बेजुबान जानवर बर्दाश्त नहीं कर पाई और 26 जुलाई को बकरी ने दम तोड़ दिया. मालिक की मानें तो बकरी 2 माह की गर्भवती थी.

मामले की भनक लगते ही ग्रामीणों ने गैंगरेप के तीन आरोपियों को पकड़ कर उनकी धुनाई कर दी, लेकिन किसी प्रकार आरोपी ग्रामीणों की गिरफ्त से छूटकर भागने में कामयाब हो गये. इसके बाद बकरी मालिक ने पुलिस स्टेशन जाकर मामला दर्ज लिया तथा आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए टीम गठित कर दी है. बताया गया है कि बकरी को भी पुलिस ने पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया. फिलहाल किसी कि गिरफ्तारी की सूचना नहीं है. लेकिन पुनः यही सवाल खड़ा होता है कि आखिर इंसान को ये तालीम कहाँ से मिलती है, ये सोच कैसे उत्पन होती है जो वह ऐसी शर्मशार घटना को अंजाम दे जाता है. हरियाणा की इस घटना के बाद निश्चित रूप से हर सभी व्यक्ति का सर शर्म से झुक जाएगा.

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