माँ दुर्गा का ऐसा अपमान नारी शासित बंगाल में… मुस्लिम मंत्री को घोषित किया देवता

आज की भारतीय राजनीति की मुस्लिम तुष्टीकरण तथा कथाकथित धर्मनिरपेक्षता की सबसे बड़ी राजनेता का तमगा किसी को दिया जाएगा तो निश्चित रूप से वह तृणमूल कांग्रेस प्रमुख तथा पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी होंगी. हिन्दू आस्थाओं का दमन तथा हिन्दू देवी देवताओं का अपमान ममता शासित बंगाल में एक बार पुनः दिखाई दिया जब दुर्गा पूजा पांडाल में ममता बनर्जी की दुर्गा रूपी प्रतिमाएं स्थापित की गयी तथा ममता सरकार के मुस्लिम मंत्री की देवता रूपी प्रतिमा भी लगाई गयी.

खबर के मुताबिक़, कोलकाता के खिदिरपुर इलाके में 74 पल्ली पूजा कमेटी की ओर से बनाए गए पंडाल में मां दुर्गा और अन्य देवी-देवताओं के अगल-बगल में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और शहरी विकास मंत्री फिरहाद हकीम की प्रतिमा बनाई गई है. खिदिरपुर मुस्लिम बहुल इलाका है इसलिए वहां फिरहाद का दबदबा है. वे ममता बनर्जी के कैबिनेट में सबसे दबंग अल्पसंख्यक चेहरा भी हैं. इस पूजा पंडाल का उद्घाटन भी मुख्यमंत्री और फिरहाद हकीम ने संयुक्त रूप से किया था.

इसी तरह से नदिया जिले में भी चकदह रेलवे स्टेशन के पूर्व में केवीएम मोड़ पर आयोजित किए गए दुर्गा पूजा पंडाल में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के साथ-साथ उनके भतीजे अभिषेक बनर्जी और नदिया जिले में तृणमूल के पर्यवेक्षक पार्थ चटर्जी की भी फाइबर की प्रतिमाएं बनाई गई. खास बात यह है कि यहां पहुंचने वाले लोगों को इन मूर्तियों के साथ सेल्फी लेने के लिए प्रेरित किया जा रहा था और इसे बड़े पैमाने पर फेसबुक पेज पर पोस्ट करने को भी कहा गया है. ऐसा पोस्ट करने वाले 30 लोगों को चुनकर पूजा कमेटी की ओर से सम्मानित करने का प्रलोभन भी दिया गया. इस मामले पर भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय सचिव राहुल सिन्हा ने बुधवार को कहा कि तृणमूल कांग्रेस की नेत्री और अन्य मंत्री खुद को दुर्गा मां से भी बड़ा समझते हैं इसलिए मां के साथ-साथ अपनी पूजा भी करवा रहे हैं. उन्होंने कहा कि ये हिन्दू देवी देवताओं का अपमान है.

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