शहाबुद्दीन की ही तरह लालू का ख़ास हुआ करता था इलियास हुसैन .. अब उसका भी लगा नम्बर

भले ही तेजस्वी यादव टी वी में और असल जीवन में लाख दावे कर रहे हों इस बार बिहार की सत्ता में बहुमत से आने का और सन २०१९ के चुनावों में मोदी को बुरी तरह से हारने का लेकिन असलियत में जो सामने आ रहा है उसको देख कर इतना तो जरूर कहा जा सकता है कि उनके दावे फिलहाल के लिए खोखले ही माने जायेंगे क्योकि एक के बाद एक उनकी पार्टी के वो आधार स्तम्भ ढह रहे हैं जिन स्तम्भों को जोड़ने के लिए लालू यादव ने जी तोड़ कोशिश की थी .

ज्ञात हो कि पहले खुद लालू यादव का नम्बर लगा था उसके बाद उनके सबसे बड़े करीबियों में गिने जाने वाले और दुर्दांत अपराधी शहाबुद्दीन को जेल भेजा गया . अब उसी क्रम में आरजेडी के कद्दावर विधायक माने जाने वाले और लालू प्रसाद यादव के करीबी इलियास हुसैन को गुरुवार को एक अदालत ने चार साल की सजा सुनाई है। ये मामला लगभग 26 साल पुराना है जिसमे उन पर दो लाख रुपए का अतिरिक्त जुर्माना भी लगाया गया है।

ध्यान देने योग्य है कि कभी लालू के बेहद खास रहे इलियास जनता दल के विधायक हैं और वह पूर्व मंत्री हैं। सीबीआई के विशेष जज जस्टिस अनिल कुमार मिश्रा ने हुसैन को चार साल की सजा सुनाई है, साथ ही तत्कालीन प्राइवेट सचिव मोहम्मद शहाबुद्दीन को भी को चार साल की सजा सुनाई गई है और उनपर भी दो लाख रुपए का जुर्माना ठोका गया है। इस घोटाले में जेपी बाग स्थित एक ट्रांसपोर्ट जेपी अग्रवाल को भी चार साल की सजा हुई है। इस मामले में सीबीआई ने 20 मार्च 1997 में मामला दर्ज किया था। कोर्ट की सजा के बाद बिहार के उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में उनकी पार्टी ने जनहित में यह मामला 26 साल पहले दर्ज कराया था, जिसकी वजह से आज आरोपियों को सजा सुनाई गई है।

 

Share This Post