कमलनाथ के राज में पुलिस वाले इमरान की जिम्मेदारी थी कानून के पालन की, लेकिन वो तो खुद ही देने लगा सुप्रीम कोर्ट को चुनौती

कांग्रेस शासित मध्य प्रदेश के ग्वालियर से एक ऐसा मामला सामने आया है जहाँ कानून के रक्षक मध्यप्रदेश पुलिस में हवलदार इमरान ने न सिर्फ कानून की धज्जियां उड़ाई हैं बल्कि सीधे सुप्रीम कोर्ट को चुनौती दी है. मामला मध्य प्रदेश के ग्वालियर का हैं जहाँ हवलदार के पद पर तैनात इमरान ने अपनी पत्नी को तीन तलाक देकर घर से निकाल दिया. बता दें कि इमरान की पत्नी भी पुलिस में SI है. इतना ही नहीं पहली शादी छि‍पाकर इमरान ने पहली शादी छि‍पाकर दूसरी शादी भी कर ली. इसके बाद इमरान और उसके परिजन ने महिला एसआई के खिलाफ भोपाल स्थित मस्जिद कमेटी से फतवा भी जारी करवा दिया.

तीन तलाक और दूसरी शादी से परेशान पत्नी ने मंगलवार के दिन एसपी को बताया कि सोमवार को वह जब बैंक में रुपए निकालने पहुंचीं, उस समय पति इमरान ने उनके साथ मारपीट की. एसआई ने अपनी बेटी और खुद की जान को पति व उसके परिजन से खतरा बताते हुए शिकायत दर्ज की व कार्रवाई की मांग की. एसआई यासमीन खान ने एसपी नवनीत भसीन को शिकायत में बताया कि फरवरी 2015 में उनकी शादी इमरान से हुई थी. शादी के 15-20 दिन बाद ही इमरान व उसके परिजनों ने दहेज के लिए यासमीन में परेशान करना शुरू कर दिया. भोपाल में फ्लैट दिलाने के लिए भी उसे प्रताड़ित किया जाता रहा.

शिकायत में यासमीन ने यह भी बताया कि देवास में पदस्थापना के दौरान इमरान ने उनसे भ्रष्टाचार कर रुपए कमाने के लिए भी दबाव बनाया था. यासमीन ने बताया कि गर्भवती होने पर गैर कानूनी तरीके से भ्रूण लिंग परीक्षण कराया. बेटी का जन्म होने पर ससुराल पक्ष की प्रताड़ना और बढ़ गई. लगातार प्रताड़ना से परेशान होकर देवास में घरेलू हिंसा का प्रकरण दर्ज कराया. इसके बाद इमरान व उनके परिजन ने उनके खिलाफ उनके विभाग में झूठी शिकायतें कर बदनाम करने लगे और झूठे प्रकरण में फंसाने की धमकी देने लगे. इन्हीं सब घटनाओं से तंग आकर एसआई यासमीन खान ने पुलिस में शिकायत की व कार्रवाई करने की मांग भी की है.

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