हिन्दुओं में फूट डलवाकर लाश पर राजनीति करने पहुंचे विधायक मसूद अख्तर को जनता ने दौड़ाया. बोले- ‘तुम्हारा यहाँ क्या काम’

उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में हाल ही में हुई हिंसा के जख्म अभी भरे ही नहीं थे कि देवबंद में कोतवाली के दलित बहुल गांव लालवाला में एक दलित बलराम पुत्र मामचंद के उपलों के बिटौडे में आग लगा दी गई। वहीं, आसनवाली गांव के घायल युवक प्रदीप चौहान की पीजीआई चंडीगढ में मृत्यु हो गई। जानकारी के मुताकि, गत 24 मई को उपद्रवियों ने प्रदीप चौहान को गोली मार दी थी। पीजीआई चंडीगढ में उसका इलाज चल रहा था। 
प्रदीप के परिजनों ने सहारनपुर घंटाघर चौक पर शव को एम्बुलेंस से उतारकर सड़क जाम करने का प्रयास किया। जिसके बाद गंभीरता को देखते हुए अपर पुलिस महानिदेशक आदित्य मिश्र सहारनपुर पहुंचे और सहारनपुर मंडल के डीएम, एसएसपी के साथ बैठक लेकर उन्हें सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। जिसके बाद बहुत मुश्किलों से अधिकारियों ने उन्हें समझाया-बुझाया। वहीं, आसनवली में प्रदीप चौहान की अंत्येष्टि में सांत्वना जताने पहुंचे प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्ष इमरान मसूद के करीबी कांग्रेस विधायक मसूद अख्तर को लोगों ने वहां से भगा दिया। 
लोगों का आरोप था कि इमरान मसूद और मसूद अख्तर भीम आर्मी प्रमुख चंद्रशेखर उर्फ रावण का समर्थन कर रहे हैं और पहले दिन ही उससे जेल में मिलकर आए थे। रावण की गिरफ्तारी के विरोध में दलित बहुल गांव की महिलाएं सड़कों पर प्रदर्शन कर रही है। प्रदर्शनकारियों की मांग है कि चंद्रशेखर उर्फ रावण को रिहा किया जाए और बीजेपी के सांसद राघव लखनपाल शर्मा को गिरफ्तार किया जाए। 
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बबलू कुमार ने बताया कि हिंसाग्रस्त सभी गांवों में भारी पुलिस बल तैनात है और स्थिति पर नजर रखी जा रही है। साथ ही इंटरनेट सेवाओं की चार दिन की बंदी के बाद आज दोपहर बाद से बंद इंटरनेट सेवाएं शुरू करा दी। खुफिया विभाग ने जिले के 100 गांवों को संवेदनशील श्रेणी में चिन्हित किया है। इन सभी गांवों में खासतौर से सतर्कता बरती जा रही है।
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