नाबालिग लड़की का अपहरण करने वाले को मात्र 6 माह की सज़ा?? असल मे गुनाहगार का नाम अब्दुल नबी था

उम्र से पहले शादी की जबरदस्ती करना क्या सही है, जहाँ हमारा कानून कहता है कि एक लड़की की बालिक उम्र अठारह होती वहीं कुछ लोग मानसिक और

शारीरिक जरूरतों को पूरा करने के लिए किसी भी हद तक चले जाते है। फिर क्यों हमारा कानून इस बात को हलके में ले लेता है। एक नाबालिग के साथ लगातार

शोषण करने का दंड क्या सिर्फ छह महीने सही है।

क्या छह महीने का दंड उस नाबलिक लड़की के साथ किये शोषण की पीड़ा कम कर देगा। क्या ये सही न्याय है, दरअसल ग्रेटर नोएडा की एक अदालत ने रेप और

अपहरण करने के आरोप में एक व्यक्ति को छह महीने की सजा सुनाई है। जिसने 17 साल की नाबालिग बालिका को बंधक बनाकर, उसका अपहरण करने के बाद

महज उसे अपनी शारीरिक हवस को पूरा करने के लिए इस्तेमाल कर रहा था।

इस मामले की सुनवाई में न्यायाधीश शिवानी जायसवाल ने अब्दुल नबी को पिछले सप्ताह जेल की सजा सुनाई। बता दें कि अब्दुल ने 17 साल की नाबालिग

बालिका को उसके परिजनों के घर से अपहरण करके उसके साथ दुष्कर्म जैसी घिनौनी वारदात को अंजाम दिया था। जिस पर अदालत ने सुनावई पर शादी के लिए

अपहरण करने के आरोप से अब्दुल को बरी कर दिया था।

Share This Post

Leave a Reply