गिलानी की गर्दन नाप सकती है NIA. पहली बार होगा ये आतंक प्रेमी कानून के शिकंजे में


कश्मीर में आतंकवाद को बढ़ावा देने वाले और कश्मीरी युवकों को भारतीय सेना पर पत्थरबाजी करने के लिए उकसाने वाले अलगाववादियों की मुश्किलें लागातर बढ़ती जा रही है। कश्मीर में हिंसा फैलाने और आतंकी फंडिंग करने के मामले में एनआईए ने अलगाववादियों के ठिकानों पर रविवार को भी छापेमारी की। 
NIA की टीम ने जम्मू-कश्मीर की राजधानी श्रीनगर के तीन और जम्मू के दो ठिकानों पर छापेमारी की। ये छापेमारी अलगाववादी नेताओं और उनसे जुड़े लोगों के ठिकानों पर की। इसके साथ ही राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने दो कश्मीरी अलगाववादी नेताओं को सोमवार को दिल्ली स्थित अपने मुख्यालय पर पेश होने के लिए कहा था। 
तहरीक-ए-हुर्रियत के फारूक अहमद डार उर्फ ‘बिट्टा कराटे’ और जावेद अहमद बाबा उर्फ ‘गाजी’ को अन्य दस्तावेजों सहित कुछ बैंक और संपत्ति के दस्तावेज लेकर एनआईए टीम के समक्ष पेश होने को कहा था। गौरतलब है कि 26/11 आतंकवादी हमले के बाद NIA की जांच एजेंसी ने पाकिस्तान के लश्कर-ए-तैयबा के प्रमुख हाफिज सईद, हुर्रियत कांफ्रेंस के कट्टरपंथी के अध्यक्ष सैयद अली शाह गिलानी और जम्मू-नेशनल फ्रंट के अध्यक्ष नईम खान का नाम प्रारंभिक जांच में दर्ज किया है। 
NIA ने शनिवार को जम्मू-कश्मीर, दिल्ली और हरियाणा के सोनीपत में दिन भर रेड की थी। अलगाववादी नेताओं फाइनेंसरों के करीब 26 कारोबारी ठिकानों, दफ्तरों पर ये छापेमारी की गई थी। छापेमारी में लगभग ढाई करोड़ का कैश बरामद किया गया था। इसके अलावा करीब चालीस लाख की ज्वैलरी, सिक्के और जायदाद के दस्तावेज भी मिले थे।
जानकारी के मुताबकि, कश्मीर में “अशांति फैलाने के बड़े षड्यंत्र के तहत” घाटी में स्कूलों और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने से जुड़े हालिया मामलों में आरोपित 13 आरोपियों की जानकारी एनआईए ने जुटाई है। बता दें कि 8 जुलाई को हिजबुल कमांडर बुराहन वानी के मारे जाने के बाद से ही कश्मीर में अशांति का माहौल हो गया था और आतंकियों ने कई स्कूलों को क्षतिग्रस्त कर दिया था। 

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