योगीराज में किसने दिया 25 गायों को जहर ? वो कौन है जिसे इतनी नफरत है गोवंश से ?

यूपी की सत्ता संभालने के पहले दिन से ही गौरक्षा का मुद्दा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के एजेंडे में है. योगी सरकार ने गाय माता की रक्षा के लिए तमा कदम भी उठाये हैं, गौशालाएं भी बनवाई हैं. गाय तथा गो वंश की रक्षा योगी सरकार की वरीयता में शामिल होने के बाद भी वह कौन लोग हैं, जिन्हें गोवंश से सख्त नफरत है. इन लोगों की गाय तथा गोवंश से नफरत का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि रविवार शाम उत्तर प्रदेश के बदायूं के कछला कस्बा की गो शाला में 25 गो वंश की मौत हो गई.

इसके पीछे का जो कारण सामने आया वो काफी हैरान करने वाला है. ख़बरें सामने आई हैं कि इन गायों की की मौत जहर से हुई है. अर्थात किसी ने गाय को दिए जाने वाले चारे में जहर मिलाया ? ये खबर सामने आने के बाद हड़कंप मच गया है.  इस घटना के बाद जिलाधिकारी, नगर पंचायत अध्यक्ष, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी और उझानी कोतवाल मौके पर पहुंच गए. बड़ी संख्या में गोवंशीय पशुओं की मौत कैसे हुई. सभी इसकी वजह तलाशने में लगे हैं.

बता दें कि कछला कस्बा में गंगा किनारे श्मशान घाट के पास गोशाला बनी है. इसमें करीब 76 गो वंशीय पशु हैं. रविवार रात नौ बजे अचानक रंभाने के साथ ही कई गाय पछाड़ खाकर गिर पड़ीं और छटपटाने लगीं. इसके बाद देखते ही देखते 25 गोवंशों की मौत हो गई, जबकि नौ की हालत गंभीर है. जिन गोवंशों की मौत हुई उसमें 3 गाय, सात बछिया और पांच बैल हैं. जानकारी मिलते ही मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी (सीवीओ) डॉ. एके जादौन टीम के साथ मौके पर पहुंचे और बीमार गायों का उपचार शुरू किया.

सीवीओ ने बताया कि गोशाला में एक साथ इतनी संख्या में गायों की मौत के पीछे चारे में जहरीला पदार्थ होने की आशंका है. इसके साथ ही यहां पर माहौल बिगाडऩे के लिए यह कोशिश की गई है। अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट में स्थिति साफ होगी. गोशाला में 25 गायों की मौत के बाद देर रात डीएम दिनेश कुमार सिंह भी मौके पर पहुंच गए तथा जांच के निर्देश दिए. चारा और पानी का सैंपल भरवाया गया. छानबीन में पता चला कि जो घास गायों की खिलाई गई थी, वह पड़ोसी जिला कासगंज के सोरों से मंगवाई गई थी. कांची कुटी प्रजाति की यह घास ही बीते 15 दिन से गाय खा रही थी. रविवार रात अचानक गायों की धड़ाधड़ मौत होती चली गई.

15 दिन पहले से ही कासगंज से घास की सप्लाई शुरू हुई थी. सवाल यह उठता है कि अगर घास में कोई जहर होता तो यह हादसा पहले ही हो चुका होता। जाहिर है कि किसी व्यक्ति ने घास को जहरीला किया था. फिर चाहें घास में जहर डाला गया हो या फिर गायों के पीने के पानी में जहर मिलाया गया हो. पुलिस ने भी वह स्थान देखा जहां इन गायों को पीने के लिए पानी रखा जाता है. पानी का सैंपल भी टीम ने लिया है. घास को भी प्रिजर्व किया गया है ताकि जांच में यह पता लग सके कि जहर आखिर कहां से आया. पुलिस भी इसी जांच में जुटी है कि गोशाला के आसपास कौन लोग आए थे. इसके लिए आसपास इलाके के लोगों से भी रात में ही पूछताछ शुरू कर दी गई. डीएम दिनेश कुमार सिंह ने कहा कि हर पहलू पर जांच कराई जा रही है, जो भी दोषी मिलेगा उसे बख्शा नहीं जाएगा.

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