Breaking News:

‘वैलेंटाइन डे’ पर आरएसएस का स्वागत योग्य बयान. श्री इंद्रेश कुमार जी ने वही दोहराया जो सुदर्शन न्यूज कई सालों से कहता आ रहा है…

जयपुर : भारत में प्रेम शुरुआती दौर से ही पवित्र माना गया है। चाहे वो माता-पिता का प्यार हो, या भाई-बहन का है, या फिर पति-पत्नी का। लेकिन जबसे पश्चिमी संस्कृति का आगमन हुआ है, तब से भारत में प्यार की परिभाषा ही बदल सी गयी है। प्रेम का अर्थ समझना मुश्किल हो गया है। आज की पीढ़ी आकर्षण को प्यार समझ बैठी है। जिसके कारण आज की पीढ़ी भारत के कल्चर को जानने की ज्यादा कोशिश ही नहीं करती है। 
इस कारण पश्चिमी संस्कृति का आगमन भारत में तेजी से बढ़ रहा हैं। जिसमें से सबसे ज्यादा ‘वैलेंटाइन डे’ है। ये आज की पीढ़ी के सर चढ़ के बोल रहा हैं। इसी को लेकर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के नेता इंद्रेश कुमार ने ‘वैलेंटाइन डे’ का विरोध करते हुए भारतीय संस्कृति का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि ‘वैलेंटाइन डे’ की वजह से आज की जनरेशन हमारे भारतीय संस्कृति को भूलती जा रही है और पश्चिमी संस्कृति को अपनाती जा रही है। 
ऐसे में ये मामला बेहद गंभीर बनता जा रहा है। आपको बता दें कि इंद्रेश कुमार ने अपने बयान में आज की जनरेशन को लेकर चिंता जताते हुए कहा है कि भारत में स्त्री और पुरुषों का संबंध एक पवित्र रिश्ता होता है। इसलिए इसे भोग और वासना की जरूरत नहीं है। वेलेंटाइन डे पर सावर्जनिक स्थानों पर आपत्तिजनक हरकते करने की जगह उस रिश्ते की पवित्रता को बनाए रखना चाहिये। हमें वासना को बढ़ावा न देते हुए अपने बच्चों को सही सीख देनी चाहिए। 
पश्चिमी संस्कृति से आये वेलेंटाइन डे की वजह से हमारे समाज की बच्चियां छोटी उम्र में ही गलत राह पर चलने लग जाती है। जिसके कारण सिर्फ भारत ही नहीं, पूरा विश्व आज ऐसी समस्याओं का सामना कर रहा है। ”आत्मा का शुद्धीकरण” देश की प्रगति के लिए बेहद ज़रूरी है। आरएसएस छुआछूत के सख्त ख़िलाफ़ है। कुमार ने लोगों से विनम्र विनती करते हुए कहा है कि त्योहारों के समय हमें दूसरे देश से बनी चीनी उत्पादों का बहिष्कार करना चाहिये। उन्होंने कहा कि चीनी उत्पाद ख़रीदने के कारण करोड़ों भारतीयों की रोजी-रोटी प्रभावित होती है। बता दें कि सुदर्शन न्यूज भी लगातार वैलेंटाइन डे का विरोध करता आया है। सुदर्शन न्यूज हमेशा से भारतीय संस्कृति को बढ़ावा देता आया है और हमेशा देता रहेगा। 
Share This Post