वो कौन सा है “श्रीराम दरबार” जहाँ इस दिवाली को बैठेगी योगी सरकार ?

उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनने तथा फायरब्रांड हिंदू राष्ट्रवादी नेता योगी आदित्यनाथ के मुख्यमंत्री बनने के बाद धर्म का अभूतपूर्व सम्मान हो रहा है. वो द्रश्य न सिर्फ उत्तर प्रदेश बल्कि पूरी दुनिया के सनातनियों के लिए सबसे गर्व करने वाला था जब मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु श्रीराम की जन्मभूमि अयोध्या में भव्य रूप में दीपावली बनाई गई तथा खुद सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी अयोध्या के दीपोत्सव में शामिल हुए थे. दीपोत्सव के अयोध्या का नजारा देख ऐसा लग रहा था जैसे त्रेता युग की पुनरावृत्ति हो रही हो.

पिछली बार अयोध्या में योगी सरकार ने जिस तरह से भव्य दीपावली मनाई थी, उसमें इस बार और अधिक भव्यता देखने को मिलेगी.  खबर के मुताबिक़, भगवान राम का राज्याभिषेक व दीपोत्सव का शुभारंभ इस बार बेहद आकर्षक होगा. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर राम कथा पार्क का पुराना मंच तोड़कर दो भव्य स्थाई मंच बनाने के लिए तीन करोड़ 75 लाख रुपए स्वीकृत हो चुके हैं. अबकी बार दीपोत्सव में राम कथा पार्क में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मंच से भगवान राम का सिंहासन ऊंचा होगा.

बताया गया है कि सबसे ऊपर बने मंच पर राम का सिंहासन होगा. इसके बाद नीचे के मंच पर योगी सरकार की कैबिनेट विराजमान होगी. इस मंच की डिजाइन भी लगभग फाइनल हो चुकी है. इसका काम भी शुरू हो चुका है. दीपोत्सव 26 अक्टूबर के पहले इसे तैयार करने के निर्देश दे दिए गए हैं. ज्ञात हो कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश की कमान संभालने के बाद से ही राम की नगरी को खास अहमियत दी है. विश्व को दीपावली जैसा त्योहार देने वाली अयोध्या में ठीक त्रेता युग जैसा दीपोत्सव का सपना साकार किया.

इस बार तीसरा अवसर है जब रावण का वध कर 14 साल बाद भगवान राम, लक्ष्मण व सीता के आने पर होने वाली खुशी, उमंग व उत्साह को 2 दिन तक अयोध्या की जनता मनाएगी. साकेत महाविद्यालय से जहां त्रेतायुग जैसे परिधान में राम की सेना व अयोध्यावासी बने विभिन्न स्कूलों के बच्चों के साथ बड़े-बड़े ट्रकों पर सजाई गई शोभायात्रा में रामलीला का मंचन करते देशभर के कलाकार दिखेंगे तो सरयू किनारे बसे खास हेलीपैड पर हेलीकॉप्टर से उतरे राम, लक्ष्मण और सीता की अगवानी खुद मुख्यमंत्री व राज्यपाल करते नजर आएंगे. इसकी रूपरेखा भी लगभग बन चुकी है.

बता दें कि पहले रामकथा के मंच के पास भगवान राम का सिंहासन सजता था. इस बार राम कथा पार्क में बने मंच के पीछे ऊंचा एक नया दिव्य भव्य मंच तैयार किया जाना है. इसके लिए 3 करोड़ 75 लाख रुपए का बजट आवंटित किया जा चुका है. इस योजना की डिजाइन लगभग तय हो चुकी है और विस्तारकरण का कार्य भी शुरू हो चुका है. राम जन्मभूमि के मुख्य पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास ने भी योगी सरकार के इस फैसले का स्वागत किया है. उन्होंने कहा कि मर्यादा पुरुषोत्तम राम का स्थान सर्वोपरि है. पिछली बार सभी साथ विराजमान थे. इस बात पर ध्यान देते हुए मुख्यमंत्री ने इस बार मर्यादा का पालन करते हुए भगवान का सिंहासन ऊपर बनाया जा रहा है. इसके लिए मुख्यमंत्री का धन्यवाद देता हूं.

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