मौलाना की चुनौती पर पूछ रही “गौतम बुद्ध’ नगर की जनता. क्या ये वही पुलिस है जिसने बंद करवाई थी पार्को में नमाज़ ?

उत्तर प्रदेश के दिल्ली से सटे जिले नॉएडा में जिस प्रकार से एक मौलाना ने अन्य धर्मों की धार्मिक पवित्र पुस्तकों को नदी में फेंक देने की बात कही है और अपनी कुरआन को ही सही और सबसे ऊपर बताया है उसके बाद धीरे धीरे नॉएडा के साथ साथ अन्य स्थानों की जनता में भी आक्रोश फैलता जा रहा है . ऐसे मौलाना को पुलिस का बाकायदा सुरक्षा देने वाली नॉएडा पुलिस भी आती जा रही है सवालों के घेरे में जिसका जवाब निश्चित तौर पर उत्तर प्रदेश शासन को देना होगा .

विदित हो कि सहारनपुर में थाने के अन्दर अज़ान करने के बाद अब नॉएडा में सडक को घेर कर बाकायदा पुलिस के आगे अन्य धर्मों को चुनौती देते हुए अपने मजहब को सबसे ऊपर बताने वाले मौलाना पर अब तक नॉएडा पुलिस की चुप्पी आम जनता में बेचैनी बढ़ा रही है . नॉएडा की जनता के साथ बाकी स्थानों से भी ये सवाल उठ रहे हैं कि क्या ये वही नॉएडा पुलिस है जो कुछ माह पहले ही पार्कों में नमाज़ को बंद करवा कर लॉ एंड आर्डर का एक बेहद संतुलित उदहारण प्रस्तुत की थी ..

सेक्टर 9 में जिस प्रकार से सडको को घेरा गया , आने जाने वाले लोगों और खास तौर पर महिलओं को परेशानी का सामना करना पड़ा, इतना ही नहीं पुलिस के आगे ही बिना हेलमेट के यातायात नियमो को ध्वस्त करते हुए जिस प्रकार से वाहन दौडाते हुए वीडियो बनाए गये वो इतना तो जरूर साबित कर रहे हैं कि ऐसे उन्मादियो में प्रशासन का किसी भी प्रकार से कोई डर नहीं है . इसी बढ़े मनोबल के बाद हजारो लोगों के आगे तक़रीर में अन्य धर्मो को अपमानित किया गया और सीधे सीधे कुरआन से दुनिया को चुनौती देने की बात कही गई .

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