राष्ट्र धन्यवाद कर रहा मुख्यमंत्री बिप्लब देव जी को जिन्होंने ध्वस्त कर दिया त्रिपुरा में पाकिस्तानी नेटवर्क… वरना पता भी न चलता कि किस राह पर है पूर्वोत्तर

हाल ही में त्रिपुरा से गिरफ्तार किये गये 24 संदिग्धों को लेकर नया खुलासा हुआ है. जानकारी मिली है गिरफ्तार किये गये संदिग्ध पाकिस्तानी ख़ुफ़िया एजेंसी ISI से जुड़े हुए थे तथा त्रिपुरा सहित पूरे हिंदुस्तान को दहलाने की साजिश रच रहे थे. लेकिन भला हो त्रिपुरा के यशस्वी मुख्यमंत्री श्री विप्लब कुमार देव तथा उनकी सरकार का, कि उन्होंने आतंकियों के कहर से त्रिपुरा को तबाह होने बचा लिया. पता नहीं कब से ये जहर त्रिपुरा में फैलता जा रहा था जिसके बारे में देश पूरी तरह से अनजान था, तथा पूर्ववर्ती सरकार भी हाथ पर हाथ धरे बैठी थी लेकिन फिर जिन उम्मीदों तथा आशाओं के साथ त्रिपुरा की जनता ने श्री विप्लब कुमार देब को राज्य की बागडोर सौंपी, विप्लब सरकार उस पर पूरी तरह उतर रही है. राज्य से  ISI से परीक्षित आतंकियों की समय रहते गिरफ्तारी होना इस बात को साबित करता है कि बिप्लब देव के नेतृत्व में त्रिपुरा बिलकुल सुरक्षित हाथों में है.

बता दें कि त्रिपुरा बिलकुल बांग्लादेश से सटा हुआ है तथा बांग्लादेश के सीमावर्ती पड़ोसी राज्य त्रिपुरा से गिरफ्तार 24 बांग्लादेशी युवकों का पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी से संपर्क का खुलासा होने से बंगाल की सुरक्षा एजेंसियां हरकत में है. मुख्यमंत्री बिप्लब कुमार देव के पांच दिवसीय उत्तर बंगाल दौरा को लेकर भी अभी से सुरक्षा एजेंसियां सर्तकता बरत रही है. बंगाल से जुड़ी सभी अंतरराष्ट्रीय सीमाओं पर सुरक्षा जांच तेज कर दिए गये हैं. बांग्लादेश सीमा पर प्रत्येक आने वालों पर कड़ी नजर रखी जा रही है. त्रिपुरा से गिरफ्तार लोगों के काॅल रिकाॅर्ड से पता चला कि सभी लगातार पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी इंटर सर्विसेस इंटेलिजेंस (आइएसआई) के साथ संबंध बनाए हुए थे.

जानकारी मिली है कि ये सभी एक विशेष प्रकार के मोबाइल फोन इस्तेमाल कर रहे थे. जिसका इस्तेमाल पाकिस्तान और कश्मीर में आइएसआई के साथ संपर्क करने के लिए किया जाता है. इन सभी को बंगाल कनेक्शन और दस्तावेजों की जांच के लिए लगातार बंगाल में सुरक्षा एजेंसियों को कहा गया है. गाैरतलब है कि अगरतला रेलवे स्टेशन से संदिग्ध 24 बांग्लादेशी युवकों को 10 मई को गिरफ्तार किया था. उसके पास से जाली आधार कार्ड पाए गये थे. ये सभी त्रिपुरा सुंदरी एक्सप्रेस से दिल्ली से अगरतला पहुंचे थे. बताया गया है कि ये आतंकी पश्चिम बंगाल सीमा से भारतीय क्षेत्र में प्रवेश करते हुए उत्तर प्रदेश में ठहरते थे.इसके पास से विभिन्न राज्यों के मदरसा के पहचान पत्र, दस्तावेज के साथ मोबाइल पाया गया है. सभी के पास कोई पासपोर्ट नहीं था. मामला की गंभीरता को देखते हुए इसे राष्ट्रीय जांच एजेंसी समेत करीब चार केंद्रीय एजेंसियां जांच में जुटी थी. उसके पास से जाली आधार कार्ड पाए गये थे.
सुरक्षा एजेंसियों से मिली जानकारी के अनुसार सीमावर्ती क्षेत्रों में आतंकवादी संगठन लश्कर ए तैयबा के छात्र संगठन अल मुहम्मदिया स्टूडेंट्स की भी सक्रियता से इंकार नहीं किया जा सकता. इसमें 450 लड़कों की ट्रेनिंग दी जा रही है. जो जानकारी मिल रही है उसके अनुसार यह संगठन एक ऐसा मोबाइल तैयार करने में लगा है जिसे जांच एजेंसी ट्रेस नहीं कर पाएंगे. इसमें वह एक ऐसा चिप लगाया जाएगा जिससे वह पास के किसी भी टॉवर से जुड़ जाएगा. सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि हालाँकि इसको लेकर वो अपना काम कर रही हैं तथा आतंकियों के मंसूबे कभी कामयाब न होने दिए जायेंगे.
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