दिल्ली बन रही मजहबी चरमपंथ के प्रयोग की प्रयोगशाला.. टोपी उछालने के झूठे आरोप के बाद अब नया आरोप- “जयश्रीराम नहीं बोला, इसलिए टक्कर मारी”

क्या दिल्ली-एनसीआर मजहबी चरमपंथ के प्रयोग की नई प्रयोगशाला बनता जा रहा है? ये सवाल ऐसे ही नहीं उठ रहा है बल्कि पिछले कुछ समय से दिल्ली-एनसीआर में कुछ ऐसी घटनाएँ घटित हुईं हैं जो ऐसे तमाम सवालों को जन्म दे रही हैं कि मजहबी चरमपंथी दिल्ली व उसके आस पास के क्षेत्र को अपने प्रयोग की नई प्रयोगशाला बनाना चाहते हैं ताकि देश की राजधानी से ऐसा माहौल बनाया जा सके कि हिन्दू समाज अल्पसंख्यक मुस्लिमों को निशाना बना रहा है.

ऐसी ही एक घटना कुछ समय पहले गुरुग्राम से सामने आई थी जब मुस्लिम युवक मोहम्मद बरकत अली ने आरोप लगाया था कि उसके साथ 5-6 लड़को ने टोपी पहने होने वजह से झगड़ा किया था और उसकी टोपी फेंक दी थी. लड़कों ने उसको जय श्रीराम और भारत माता की जय के नारे लगाने के लिए बोल रहे थे और विरोध करने पर उसके साथ जमकर मारपीट की गई थी. इसके बाद कथित बुद्धिजीवी व खान मार्केट गैंग ने हिन्दुओं के खिलाफ अभियान सा छेड़ दिया था. पुलिस ने इस मामले में 15 लोगों को हिरासत में लिया था.

बाद में जब पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज खंगाली तो चौंकाने वाला खुलासा हुआ था. सीसीटीवी फुटेज में सामने आया था कि मुस्लिम युवक मोहम्मद बरकत अली के साथ झगड़ा ज़रूर हुआ था लेकिन न तो उसकी टोपी फेंकी गई और न ही उसकी शर्ट किसी ने फाड़ी थी.सीसीटीवी की फुटेज देखने पर सामने आया था कि युवक को आरोपी ने नहीं, बल्कि एक अन्य युवक ने रोका था. फुटेज में न तो बरकत अली की टोपी फेंकी गई थी न ही उसके कपड़े फाड़ने का कोई फुटेज सामने आया था.

बिल्कुल ऐसा ही एक मामला दिल्ली के अमन विहार इलाके से सामने आया है जहाँ एक इस्लामिक मौलवी ने आरोप लगाया है कि गुरुवार को तीन लोगों की ‘जय श्री राम’ का नारा लगाने की मांग मानने से इनकार करने पर उन्हें कार से टक्कर मारी गई है. मौलवी ने आरोप लगाया है कि कार सवार युवकों ने जान-बूझकर उन्हें टक्कर मारी और बाद में गाड़ी से कुचलने की कोशिश भी की थी. पुलिस ने फिलहाल एक्सिडेंट की धाराओं में केस दर्ज किया है तथा मामले की जांच की जा रही है.

मौलवी मोमिन ने आरोप लगाया है कि जिस कार से उन्हें टक्कर मारी गई, वह सफेद रंग की थी और उसके सामने के शीशे पर एक धार्मिक नारा लिखा हुआ था. पुलिस इसी सुराग के आधार पर आरोपियों का पता लगाने की कोशिश कर रही है. रोहिणी जिले के डीसीपी एस. डी. मिश्रा ने बताया कि मौलवी मोमिन (40) को गाड़ी की टक्कर लगने से उनके शरीर के दाहिने हिस्से में चेहरे और दूसरी जगहों पर चोटें लगी हैं. उन्होंने जो आरोप लगाए हैं, उनकी पुष्टि करने के लिए जांच की जा रही है. उन्हें गाड़ी का नंबर या मेक नहीं पता है. पुलिस घटनास्थल से लेकर सुल्तानपुरी तक लगे सभी सीसीटीवी कैमरों की फुटेज चेक कर रही है.

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