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10 साल के लिए जेल गया कुकर्मी मौलाना… गाज़ियाबाद पुलिस की अथक मेहनत की हर तरफ तारीफ़


कहने को तो नदीम एक मौलाना था. उसका बहुत सम्मान था तथा लोग उसके पास इस्लामिक तालीम लेने के लिए आते थे. लेकिन इस्लामिक मौलाना नदीम के अंदर जो हैवान छिपा हुआ था उसे कोई नहीं जानता था. फिर एक दिन मौलाना नदीम ने मदरसे में पढ़ने वाले दो मासूम भाइयों के साथ कुकर्म किया तथा उनके बचपन को अपनी हवस के पैरों तले क्रूरता से कुचल दिया. मौलाना नदीम पर जिन छात्रों का भविष्य संवारने की जिम्मेदारी थी, मौलाना ने उन छात्रों के बचपन को ही कुचल दिया था.

वारदात सन 2015 की है तथा अब दो मासूम भाइयों के साथ कुकर्म करने वाले मौलाना को 10 साल कैद की सजा मिली है. सोमवार को पॉक्सो एक्ट कोर्ट ने मौलाना को दोषी करार दिया और सजा के साथ 50 हजार का जुर्माना देने को भी कहा. जुर्माने से मिलने वाली धनराशि में से 20-20 हजार दोनों पीड़ित बच्चों को देने के आदेश दिया गया है. पॉक्सो एक्ट कोर्ट के विशेष शासकीय अधिवक्ता रणवीर सिंह डागर ने बताया कि साहिबाबाद क्षेत्र के एक गांव में रहने वाले व्यक्ति के दो बेटे (बड़ा बेटा (9) और छोटा बेटा (7)) साहिबाबाद स्थित मदरसे में रहकर पढ़ाई कर रहे थे. आरोप है कि मदरसे के मौलाना नदीम ने दोनों भाई के साथ कई बार कुकर्म किया. 9 जुलाई 2015 को भी मौलाना ने दोनों भाइयों के साथ कुकर्म किया था.

मौलाना ने दोनों बच्चों को धमकी दी कि अगर उन्होंने किसी को यह बात बताई तो वह उनकी और परिवार के लोगों की हत्या कर देगा. इस बीच दो महीने में मिलने वाली छुट्टी पर 7 अगस्त 2015 को मदरसे में पढ़ने वाले दोनों भाइयों को उनके पिता लेने पहुंचे और उन्हें लेकर घर आ गए. घर आकर दोनों बच्चों ने पिता को सारी बात बताई. इसके बाद साहिबाबाद थाने में केस दर्ज हुआ और अब मौलाना को दोषी माना गया तथा 10 साल की सजा सुनाई गई है.


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