आतंकियों की नुमाइंदगी करने वाले फारुख अब्दुल्ला ने एक बार फिर बलिदानियों के खिलाफ उगला जहर

श्रीनगर : कश्मीर में सुरक्षाबलों पर पत्थरबाजी करने वाले पत्थरबाजों का समर्थन करने वाले फारूख अब्दुल्ला ने एक बार फिर बलिदानी जवानों को लेकर विवादित बयान दिया है। फारुख ने कहा कि सुकमा के शहीदों की कोई चर्चा नहीं कर रहा है, लेकिन कुपवाड़ा के शहीदों की शहादत को बढ़ा चढ़ाकर पेश किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि मुस्लिमों को बदनाम करने के लिए कुपवाड़ा हमले की आवश्यकता से अधिक चर्चा की जा रही है। साथ ही फारुख ने कुपवाड़ा हमले पर हो रही बहस को मुस्लिमों के खिलाफ और नफरत फैलाने वाला बताया। फारुख ने कहा कि देश में मुस्लिमों के खिलाफ नफरत भड़काने की साजिश की जा रही है।

मुस्लिम इस देश के बाशिंदे हैं और देश के बाशिंदों के खिलाफ ऐसी साजिश रचना काफी खतरनाक है। इस देश पर जितना हक हिंदुओं का है, उतना ही मुसलमानों का भी है। बता दें कि गुरुवार को उत्तरी कश्मीर के कुपवाड़ा जिले में आतंकियों ने एक सैन्य शिविर पर हमला बोल दिया था। जिसमें एक कैप्टन समेत तीन जवान वीरगति को प्राप्त हो गए थे और पांच सैनिक घायल हो गए थे और जैश-ए-मोहम्मद के दो संदिग्ध आतंकी जवाबी कार्रवाई में मारे गए थे।

वहीं, सोमवार को छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले के चिंतागुफा के दोरनापाल इलाके में नक्सली हमले में सीआरपीएफ के 25 जवानों ने बलिदान दे दिया। लेकिन शायद फारूख ये नहीं जानते की भारत अपने जवानों को सरआखों पर बिठा कर रखता है। भारत के लिए हर जवान की शहादत उसके लिए गौरव की बात है। लेकिन अब कश्मीर में आतंकियों के नुमाइंदगी करने वाले को कौन समझाए जो सिर्फ आतंकियों के बारे में सोचता है ना बलिदानियों के बारे में।

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