जम्मू-कश्मीर में लोगों को बचाने के लिए देवदूत बनकर उतरी सेना, पीएम मोदी ने दिलाया हर संभंव मदद का भरोसा

श्रीनगर : एक बार फिर से जम्मू-कश्मीर की घाटी पानी पानी हो गई। जम्मू-कश्मीर में लगातार हो रही बारिश और बर्फबारी के कारण बाढ़ जैसी स्थिति पैदा हो गई है जिसकी वजह से वहां हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है। दक्षिण और मध्य कश्मीर में बाढ़ घोषित कर दी गई है। कश्मीर में बाढ़ से अब तक चार लोगों की मौत हो चुकी है।

वहीं, सेना के जवानों ने बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत ऑपरेशन शुरु कर पांजीपूरा में पानी के बीच फंसे 20 बच्चों की जानें बचाई। कश्मीर की घाटी के पांजीपोरा में राष्ट्रीय रायफल्स के जवान बाढ़ में फंसे लोगों को बचाने में जूटे है। साथ ही रिहायशी इलाकों को भी सुरक्षित कर रहें है। जम्मू-कश्मीर में खराब मौसम के कराण उड़ानों पर भी असर पड़ा है। मौसम ख़राब होने से श्रीनगर से 10 उड़ान रद्द करनी पड़ी।

वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जम्मू-कश्मीर में बाढ़ के हालात पर राज्य की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती से बात की। पीएम मोदी ने इसकी जानकारी ट्विटर पर देते हुए बताया कि जम्मू-कश्मीर में बाढ़ के बारे में मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती से बात की। हालात से निपटने में केंद्र सरकार की तरफ से हर संभव मदद करने का भरोसा दिलाया है। बता दें कि पिछले तीन दिनों से लगातार जम्मू-कश्मीर में बर्फबारी और बारिश हो रही है जिसकी वजह से झीलों, नदी और नालों में जलस्तर भी बढ़ गया है।

तो वहीं, बाढ़ नियंत्रक विभाग ने झीलों और नदियों के जलस्तर की निगरानी रखने का निर्देश दिया। श्रीनगर में झेलम नदी ने बाढ़ का निशान 18 फीट के स्तर को पार कर लिया है। अनंतनाग जिले के संगम में झेलम का पानी 18 फीट के खतरे के निशान को पार कर चुका है। उत्तरी कश्मीर के बारामूला जिले के फिरोजपुर नाले का जलस्तर सामान्य से ऊपर होने के कारण इसका पानी कई गांवों में घुस गया।

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