जम्मू-कश्मीर में गरमाई राजनीति.. राज्य में लग सकता है राजयपाल शासन

आखिरकार जम्मू कश्मीर में भारतीय जनता पार्टी तथा पीडीपी का गठबंधन टूट गया है तथा राज्य में महबूबा मुफ्ती सरकार गिर गई है. भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने जम्मू कश्मीर भाजपा के पदाधिकारियों तथा महबूबा सरकार में भाजपा के मंत्रियों के साथ चर्चा करके इस बात को मंजूरी दे दी कि अब पीडीपी के साथ भाजपा सरकार नहीं चला सकती है. इसके बाद जम्मू कश्मीर भाजपा अध्यक्ष श्री रविंद्र रैना तथा भाजपा महासचिव राममाधव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके कह दिया कि भाजपा ने राष्ट्रहित में महबूबा सरकार से अपना समर्थन वापस ले लिया है. भाजपा की इस घोषणा के बाद मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने राजयपाल को अपना इस्तीफा सौंप दिया.

लेकिन अब सवाल ये है कि राज्य में महबूबा सरकार गिरने के बाद क्या परिस्थितियां बनेगी? पीडीपी या एनसी का गठबंधन होगा या राजपाल शासन लगाया जायेगा. लेकिन सूत्रों के हवाले जो बड़ी खबर आ रही है वो ये है कि जम्मू कश्मीर में अब गवर्नर रूल सकता है. चूँकि कांग्रेस पार्टी ने एलान कर दिया है कि पीडीपी को समर्थन देने का सवाल ही नहीं उठता है तो इतना तय हो गया है कि कांग्रेस तो पीडीपी के साथ कभी नहीं जाएगी. कांग्रेस के बाद  एनसी के नेता व राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने भी कह दिया है कि उन्हें लगने लगा था कि ऐसा होने वाला है लेकिन उनकी पार्टी पीडीपी के साथ नहीं जाएगी.

उमर अब्दुल्ला ने भी बीजेपी कि हाँ में हाँ मिलाते हुए कहा है कि वह भी राज्य में राजयपाल शासन चाहते हैं. तो अब एक तरह से जम्मू कश्मीर में राजयपाल लगना तय हो गया है. गृह मंत्रालय में भी गतिबिधिया तेज हो गई हैं तथा गृह सचिव गृहमंत्री श्री राजनाथ सिंह जी से मिलने गए हैं. इस बीच ये भी खबर आ रही है कि जम्मू कश्मीर के राजयपाल का कार्यकाल आगे बढ़ा दिया गया है. आपको बता दें कि राज्य के राजयपाल नरेंद्र नाथ वोहरा का कार्यकाल जल्द ही समाप्त होने वाला है. ये सब संकेत इशारा कर रहे हैं कि राज्य में अब राज्यपाल शासन लगेगा.

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