एक और वर्दी वाले ने राष्ट्र को दिया धोखा.. नाम है वसीम

वसीम ने वर्दी जरूर पहिन ली थी लेकिन इसके बाद भी उसके दिल में राष्ट्र के प्रति प्यार नहीं जाग पाया, भारतमाता के प्रति भक्ति नहीं जाग पाई. जब उसको वर्दी सौंपी गयी थी तो उम्मीद जताई गयी थी कि वसीम राष्ट्र रक्षक के रूप में काम करेगा, लेकिन अफ़सोस वह ऐसा न कर पाया तथा वर्दी पहिनने के बाद भी राष्ट्र को धोखा दे गया. खबर के मुताबिक, उत्तरी कश्मीर के सोपोर में भारतीय जनता पार्टी के नेता के साथ बतौर अंगरक्षक तैनात एक एसपीओ (स्पेशल पुलिस ऑफिसर) वसीम अहमद मल्ला बुधवार को अपने साथी पुलिसकर्मी की सरकारी एसाल्ट राइफल और अन्य सामान लेकर फरार हो गया.

सूत्रों द्वारा आशंका जताई गयी है कि वसीम ने आतंकी संगठन ज्वाइन कर लिया है. बताया गया है कि वह कुछ समय से भाजपा के स्थानीय नेता  के रोहामा, रफियाबाद स्थित मकान पर तैनात सुरक्षा दस्ते में नियुक्त था. अधिकारियों ने बताया कि एसपीओ के पद पर तैनात वसीम अहमद मल्ला अपने सामान के साथ-2 बल्कि भाजपा नेता के साथ तैनात एक अन्य अंगरक्षक हेड कांस्टेबल दिलशाद की राइफल लेकर गया है. बताया गया है कि वसीम के लापता होने के बाद जब छानबीन चल रही थी तो दिलशाद ने अपना ट्रंक खोला तो उसे अपनी राइफल नहीं मिली. एसाल्ट राइफल ट्रंक से गायब थी. उसके साथ दो मैगजीन व कारतूस भी गुम थे.

इस मामले में दिलशाद के भी संलिप्त होने की आशंका जताई गयी है इसलिए दिलशाद को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है. एसएसपी, सोपोर जावेद इकबाल ने एसपीओ वसीम अहमद मल्ला के हथियारों संग लापता होने की पुष्टि करते हुए कहा कि उसके परिजनों व रिश्तेदारों से भी उसके बारे में पता किया जा रहा है. जब तक जांच पूरी नहीं होती, कुछ भी नहीं कहा जा सकता. हम सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए उसका पता लगाने का प्रयास कर रहे हैं.

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