कठुआ मामले में ऐसा खुलासा जो तमाम साजिशों को कर देगा बेनकाब.. गवाह बोला- “मैं असली पिता नहीं”

कठुआ मामले को लेकर ऐसा सनसनीखेज खुलासा हुआ है जो इस बात को साफ़ साफ़ साबित करता है कि किस तरह इस मामले में एक विशेष राजनीति के तहत साजिश रची गई. ये एक ऐसा खुलासा खुलासा है जिससे ये उम्मीद भी जगी है कि अब शायद शायद कठुआ मामले की वास्तविकता सामने आए कि किस तरह से इस मामले का राजनीतिकरण हुआ. 

कठुआ मामले को लेकर जो सनसनीखेज खबर सामने आ रही है वो ये है कि कठुआ कांड में गवाह जो खुद को मृतका का सगा बाप बता रहा था, उसने कोर्ट में ये स्वीकार किया है कि वह मृतका का असली बाप नहीं हैं. उसने यह भी माना कि उसने जम्मू के एक नेता के कहने पर ही यह ड्रामा रचा था. इसके तहत सड़क जाम करना, धरने देना, रोष प्रदर्शन और मुख्य रूप से रहबरे फाउंडेशन ट्रस्ट में लोगों से चंदे के रूप में पैसा जुटाना शामिल था. यह जानकारी बचाव पक्ष के वकील एके साहनी ने दी। उन्होंने बताया कि ट्रस्ट में नकली बाप ने अपना जम्मू कश्मीर बैंक का एकाउंट लगाया हुआ है. फेसबुक और अन्य सोशल साइट्स के जरिये उसने मृतका का फोटो अपनी छाती पर रखकर लोगों से पैसों और मदद की अपील की.

बचाव पक्ष के वकील साहनी ने बताया कि उन्होंने माननीय न्यायालय के नोटिस में इस घोटाले को लाते हुए जिरह के दौरान कहा कि जो पैसा एकत्रित हुआ है, वह मृतका के असली मां बाप को मिलना चाहिए. उधर, बचाव पक्ष के वकीलों ने बताया कि नकली बाप ने जिरह के दौरान कबूला कि वह जम्मू के एक लोकल नेता के कहने पर सब कुछ करता आया है. जिसका मकसद सिर्फ पैसा है, जबकि उस नेता पर पहले ही चार मामले दर्ज हैं. जिसमें एक मामला इस घटना के बाद मुख्य मार्ग जाम करने तथा दूसरा मामला उस नेता की खुद की पत्नी तथा बच्चियों ने सांबा पुलिस स्टेशन में 10 लाख रुपये मांगने का दर्ज कराया है. इस खुलासे के बाद एक बात साफ़ साबित होती है कि पीड़ित पक्ष के लोगों का मूल उद्देश्य पीड़िता बची को न्याय दिलाना नहीं बल्कि जाँच को भटकाना था ताकि वो अपनी सियासी रोटियां सेंक सकें.

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