कश्मीर में आतंकियों के संहार के साथ चल रही एक और प्रक्रिया… आर्टिकल 35A पर भाजपा का बयान उसी प्रक्रिया की आहट है..

जम्मू कश्मीर में भारतीय सेना आतंकियों का संहार कर रही है, आतंकियों को कुचल रही है. आतंकियों के खिलाफ भारतीय सेना किस कदर आक्रामक है इसका सबूत हाल ही में देखने को मिला जब आतंकी बनने के 48 घंटे के भीतर ही जहन्नुम पहुंचा दिया. लेकिन आपको बता दें कि कश्मीर में आतंकियों के संहार के साथ एक और प्रक्रिया चल रही है जो आतंकियों तथा गद्दारों की कमर तोड़ने वाली साबित हो सकती है. हम बात कर रहे हैं जम्मू कश्मीर राज्य में लागू धारा 35A की जिस पर भाजपा ने कहा है कि ये धारा से कश्मीर को फायदा नहीं बल्कि नुकसान ही हो रहा है, इसलिए ये धारा हटाई जाना जरूरी है.

बीजेपी की जम्मू-कश्मीर इकाई ने शनिवार को कहा कि पार्टी संविधान के अनुच्छेद 35 ए पर चर्चा करने के लिए तैयार है जिसके तहत राज्य के स्थायी निवासियों को विशेष दर्जा हासिल है. बीजेपी ने कहा कि अनुच्छेद 35 ए राज्य के विकास में बाधा है क्योंकि इससे बाहरी निवेश नहीं हुआ है. पार्टी ने कहा कि अनुच्छेद 35 ए को जारी रखने से कोई फायद नहीं होगा. गौरतलब है कि इस प्रावधान को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट में छह अगस्त को सुनवाई होने वाली है और इसके खिलाफ राज्य में विरोध-प्रदर्शन हो रहे हैं. सुप्रीम कोर्ट कई याचिकाओं पर सुनवाई करेगा जिसमें एक याचिका आरएसएस से जुड़े एनजीओ ‘वी द सिटीजन्स’ ने दायर कर अनुच्छेद को खत्म करने की मांग की है.

राज्य बीजेपी के मुख्य प्रवक्ता सुनील सेठी ने कहा,’बीजेपी किसी भी व्यक्ति या किसी भी राजनीतिक दल से इस बात पर चर्चा करने के लिए तैयार है कि अनुच्छेद 35 ए राज्य के लोगों के हित में है अथवा नहीं. हम खुला निमंत्रण देते हैं.’ उन्होंने कहा कि अनुच्छेद 35 ए को लेकर पिछले कुछ दिनों से राज्य का राजनीतिक माहौल गर्म है और कुछ राजनीतिक दलों और खासकर कश्मीर में सक्रिय दलों ने इस मुद्दे पर ‘देश विरोधी और जनविरोधी’ रुख अपनाया है. नेशनल कांफ्रेंस और कांग्रेस को निशाना बनाते हुए सेठी ने कहा कि अनुच्छेद 35 ए पर राज्य के लोगों को गुमराह किया जा रहा है. सेठी ने कहा,’अनुच्छेद 35 ए को जारी रखे जाने से राज्य को कोई फायदा नहीं होगा. केंद्र सरकार ने पिछले 70 वर्षों में राज्य को करोड़ों रुपये दिये लेकिन उतना विकास नहीं हुआ जितना होना चाहिए था.’ उन्होंने कहा कि अनुच्छेद 35 ए राज्य के विकास में बाधा है क्योंकि इससे बाहरी निवेश नहीं हुआ है. बता दें कि जब कल सुप्रीम कोर्ट धारा 35A पर सुनवाई करेगा तो पूरे देश की नजर न्यायालय पर टिकी होगी.

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