देश के विभाजन व गृहयुद्ध की धमकी के बाद अब तिरंगे का नामोनिशान मिटाने की चेतावनी… असली रंग दिखा रही तथाकथित धर्मनिरपेक्षता


हिन्दुस्तान धर्मनिरपेक्षता का एक अलग ही रूप देख रहा है. इस धर्मनिरपेक्षता की आड़ में चाहे राजनेता हों या तथाकथित बुद्धिजीवी कुछ भी बोले जा रहे हैं. धर्मनिपेक्षता का सहारा लेकर कोई राजनेता देश के विभाजन की धमकी दे जाता है तो कभी एक प्रदेश के मुख्मंत्री जिसके ऊपर राज्य चलाने की जिम्मेदारी है..वो मुख्यमंत्री देश में गृहयुद्ध की धमकी दे जाते हैं, भीषण रक्तपात की धमकी दे जाती हैं. धर्मनिपेक्षता की ये अंधी परिभाषा, धर्मनिरपेक्षता का ये भयावह स्वरूप यहीं नहीं ख़त्म होता है बल्कि अभी तो वास्तविक स्वरूप आना बाकी है. देश के विभाजन, गृहयुद्ध की धमकी के बाद अब चेतावनी दी गयी है हिन्दुस्तान की जान, हिन्दुस्तान की पहचान तिरंगे का नामोनिशान मिटाने की. वही तिरंगा जिसके स्वाभिमान की रक्षा के लिए भारतीय सैनिक हँसते-हँसते अपनी जान दे देते हैं, तिरंगा न झुक पाए इसके लिए अपनी गर्दन कता देते हैं, वही तिरंगा जो जब आसमान में लहराता है तो हर गर्व से हिन्दुस्तानी के रौंगटे खड़े हो जाते हैं तथा राष्ट्रभक्ति के जज्बात उमड़ने लगते हैं लेकिन दुःख इस बात का है कि देश का एक नेता इस तिरंगे का नामोनिशान मिटाने की धमकी दे रहा है.

आपको बता दें कि तिरंगे का नामोनिशान मिटाने की धमकी दी है जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला की पार्टी नेशनल कांफ्रेंस के विधायक जावेद अहमद राणा. नेशनल कांफ्रेंस के विधायक जावेद अहमद राणा ने राष्ट्रीय ध्वज तिरंगे का अपमान करते हुए कहा कि अगर राज्य से 35ए को छेड़ा गया और धारा-370 को हटाने का प्रयास किया तो जम्मू-कश्मीर में हिंदुस्तान के झंडे तिरंगे का नामोनिशान नहीं रहेगा. जावेद अहमद राणा ने धारा-370 से छेड़छाड़ न करने की धमकी दी. उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी को खबरदार करते हुए कहा  कि अगर ऐसा हुआ तो इस रियासत में हिंदुस्तान का झंडा ही नहीं रहेगा. राणा ने कहा कि न रहेगा बांस और न बजेगी बांसुरी.

एनसी विधायक जावेद अहमद राणा ने कहा कि अब केंद्र सरकार कोर्ट के जरिये 35 ए को समाप्त करना चाहती है लेकिन मैं आज यहां मौजूद मीडिया एवं खुफिया एजेंसियों के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को खबरदार करना चाहता हूं कि अगर 35ए या धारा 370 से किसी भी तरह की छेड़छाड़ का प्रयास किया तो रियासत में हिंदुस्तान के झंडे का नामोनिशान ही नहीं रहेगा, क्योंकि जम्मू कश्मीर का भारत के साथ संबंध इसी धारा 370 के कारण है और जब यह धारा ही नहीं रहेेगी तो यहां हिंदुस्तान के झंडे का क्या काम रह जाएगा, हम लोग हिन्दुस्तानी झंडे का नामोनिशान ही मिटा देंगे.


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