कठुआ में हुआ है एक और खुलासा… बच्ची के बालों का आया ऐसा मामला जो किसी को भी कर देगा हैरान

कठुआ मामले को लेकर एक बड़ा खुलासा हुआ है तथा इस खुलासे के बाद जम्मू कश्मीर क्राइम ब्रांच की रिपोर्ट एक बार फिर से सवालों के घेरे में है. इस जो सवाल खड़ा हुआ हो वो कठुआ मामले की पीड़िता के बालों को लेकर है. आपको बता दें कि कठुआ मामले की मृतक बच्ची के बाल एक बार फिर से सवालों के घेरे में हैं. पहले जब जांच के दौरान यह बाल बरामद हुए और इनका डीएनए टेस्ट हुआ. तब भी इसकी रिपोर्ट पर सवाल उठे। अब जबकि कोर्ट में इन बालों की जांच रिपोर्ट पहुंची तो फिर सवाल खड़े हो रहे हैं कि आखिर लिफाफों में बाल क्यों नहीं मिले?

कठुआ कांड को लेकर क्राइम ब्रांच के चालान के अनुसार क्राइम ब्रांच की स्पेशल इनवेस्टिगेशन टीम न अपनी जांच के दौरान एफएसएल एक्सपर्ट और नायब तहसीलदार के साथ उस क्षेत्र का दौरा किया, यहां से मृत बच्ची का शव मिला था. दोबारा से क्राइम सीन बनाया गया. सभी लोकेशन की जांच करने के बाद टीम को कुछ सबूत मिले. इसमें खून से सनी एक लकड़ी और बच्ची के केश शामिल हैं. कुछ केश देवस्थान से मिले और कुछ वहां से मिले, जहां से लड़की की लाश मिली. इनमें से कुछ केश दिल्ली में डीएनए जांच के लिए भेजे गए. दोनों जगहों से मिले केश लड़की के निकले.
यहीं पर आरोपित पक्ष के वकील ने सवाल उठाये हैं तथा कहा है कि क्राइम ब्रांच कहती है कि सबूत मिटाने के लिए आरोपियों ने देवस्थान को पानी से धोया. जब पानी से धोया तो एक हफ्ते के बाद वहां से क्राइम ब्रांच को लड़की के बाल कैसे मिल गए. अब फिर से जब कोर्ट में क्राइम ब्रांच की ओर से पेश किए गए सबूतों का लिफाफा खोला तो उसमें से बाल गायब क्यों मिले हैं ? एक आरोपी के वकील असीम साहनी का कहना है कि हम तो शुरू से कहते आए हैं कि बच्ची के बाल मिलना क्राइम ब्रांच की मनगढ़ंत कहानी है. एक महीने के बाद क्राइम ब्रांच ने कहा कि उन्हें देवस्थान और उस जगह से बच्ची के सिर के बाल मिले, यहां उसका शव पड़ा था. जबकि इसके पहले देवस्थान को धोया गया था. सिर्फ बाल ही क्यों मिले, वहां तो कई तरह के सबूत होने चाहिए थे. वकील असीम साहनी ने एक बार फिर दोहराया कि क्राइम ब्रांच की जाँच में गड़बड़ की गई है तथा सच्चाई कबो जाँच से ही सामने आ पाएगी.

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