स्कूल की बस जिसमे भरे थे उन्ही के घरों के मासूम, उस बरसाने लगे पत्थर .. तभी देवता बन कर आये राष्ट्र के रक्षक सैनिक


आतंकियों ने कश्मीर में स्कूल के बच्चों को भी नहीं बख्शा। 
महबूबा अब बताएं सुरक्षा बलों की भूमिका के बारे में।
2 मई को कश्मीर के शोपियां में आतंकियों ने स्कूल की बस पर जमकर पथराव किया। पथराव के समय बस में 40 मासूम बच्चे सवार थे। बच्चों के यह समझ ही नहीं आया कि बस पर पथराव क्यों हो रहा है। पथराव में कई बच्चे जख्मी हो गए। जम्मू-कश्मीर की सीएम महबूबा मुफ्ती ने इस पथराव की निंदा की है। उन्होंने कहा कि मासूम बच्चों को निशाना बनाने वालों को ेबख्शा नहीं जाएगा। सब जानते हैं कि महबूबा कई बार कश्मीर में सुरक्षा बलों की मौजूदगी पर ऐतराज जता चुकी है। महबूबा ने कई बार कश्मीर के अलगाववादियों का भी समर्थन किया है।
शोपियां में स्कूल की बस पर किए गए पथराव को महबूबा ने भी गलत माना है। यदि घटना के समय सुरक्षा बल मौके पर नहीं पहुंचते तो हादसा बड़ा हो सकता था। कश्मीर में हमारे सुरक्षा बल जान जोखिम में डाल कर आतंकियों से मुकाबला कर रहे हैं। इसलिए अब महबूबा को सुरक्षा बलों की कश्मीर में मौजूदगी के बारे में अपनी राय स्पष्ट करना चाहिए। महबूबा माने या नहीं, लेकिन जम्मू-कश्मीर की पुलिस और प्रशासन में इतनी ताकत नहीं की वह पाकिस्तान में टेªनिंग लेकर आए आतंकियों से मुकाबला कर सके।
यदि सुरक्षा बल मुस्तैद नहीं रहे तो वो मासूम सुरक्षित न होतेे .. अब चाहिए कि वे ऐसा कोई बयान नहीं दे जिससे सुरक्षा बलों का मनोबल कमजोर होता हो, महबूबा को कश्मीर के हालात सुधरने में भी सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए।

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