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6 माह में 19 करोड़ रूपये विदेशों से आये एक संगठन को तो सन्न रह गये हिन्दू संगठन… सोचिये कितनी कठिन है ये लड़ाई

ईसाई मिशनरियां हमेशा से शक के दायरे में रही हैं तथा इन आरोप लगता रहा है कि ये मिशनरियां एक विशेष साजिश के तहत हिन्दुओं का धर्मान्तरण कराके उन्हें ईसाई बनाती हैं तथा इसके लिए उन्हें विदेशों से चन्दा प्राप्त होता है. ईसाई मिशनरियों को धर्मान्तरण तथा ईसाइयत के प्रचार के लिए विदेशों से चन्दा मिलने का आरोप सही साबित हुआ है, इसके बाद हिन्दू संगठन आक्रोशित हैं. मामला झारखण्ड का है जहाँ रेन कंट्रीब्यूशन डेवलपमेंट अथॉरिटी के द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक ईसाई मिशनरी से जुड़े संगठनों को लगभग 19 करोड़ का विदेशी धन बीते 6 महीनों में प्राप्त हुए हैं.

इस आंकड़े के जारी होने के बाद झारखंड में राजनीति भी एक बार फिर शुरू हो गई है. खूंटी के कोचांग में गैंगरेप में फादर की भूमिका, इसके बाद निर्मल हृदय में बच्चे के सौदे का मामला और अब विदेशी फंड, ईसाई मिशनरी विभिन्न मुद्दों को लेकर लगातार घिरती जा रही है. भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने फॉरेन कंट्रीब्यूशन डेवलपमेंट अथॉरिटी के द्वारा जारी आंकड़ों को आधार बनाकर कहा कि पिछले 6 महीने में 19 करोड़ रुपये का विदेशी चंदा इन्हें मिला है, जो कि सवालिया घेरे में है. ईसाई मिशनरी के मामले पर लगातार मुखर होते सरकार के मंत्री सीपी सिंह का आरोप है कि मिशनरीज द्वारा धर्मांतरण का काम पहले से ही होता रहा है, लेकिन आजतक मामले पर कांग्रेस सरकार वोट बैंक की राजनीति करती आई है. उन्होंने आरोप लगाया कि वोट के लिए देश की दुर्दशा हो जाए इससे कांग्रेस को चिंता नहीं है.

सीपी सिंह ने कहा कि केंद्र में नरेंद्र मोदी की सरकार आयी है तो हर चीजों को दुरुस्त किया जा रहा है. विदेशों से फंड लाकर धर्मांतरण कराने पर भी सरकार ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है. उन्होंने पूरे मामले की जांच कराने की मांग की. सीपी सिंह ने कहा कि अगर धर्मांतरण की बात को ईसाई समुदाय झूठलाता है तो फिर इस बात का जवाब उन्हें देना चाहिए कि आखिर गरीब आदिवासियों का ही धर्मांतरण क्यों हो रहा है? अमीर अपना धर्म क्यों नहीं बदलता है? सीपी सिंह ने साफ तौर पर ईसाई मिशनरीज पर आरोप लगाते हुए कहा कि सेवा उनका मुखौटा है और उनके समाज का मकसद ही लोगों का धर्मांतरण कराना है.

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