किस विदेशी साजिश के चलते एक एक कर गायब कर रही हमारे मंदिरों से देवताओं की मूर्तियां ? अब झारखंड में हुआ तो उबल पड़ा हिन्दू समाज

अपने धर्म के प्रति अपनी आस्थाओं के प्रति हिन्दू समाज की उदासीनता अब अपने लिए ही नासूर बनती जा रही है, जब देश के विभिन्न क्षेत्रों में आये दिन हिन्दुओं की धार्मिक यात्राओं उनके मंदिरों पर विधर्मियों के हमले लगातार बढ़ते जा रहे हैं. अपने ही देश में हिन्दुओं की आस्था पर ये हमले या हिन्दू आस्थाओं का ये अपमान न सिर्फ हिन्दू समाज बल्कि समस्त भारतियों क लिए बहुत ही चिंता व् शर्म की बात हैं.

ऐसा ही एक मामला झारखंड के हजारीबाग जिले के चौपारण से सामने आया हैं जहाँ विधर्मियों ने एक मंदिर से शिवलिंग की मूर्ती चोरी कर ली. 25 फरवरी की सुबह जब चौपारण स्थित ताजपुर मंदिर के कपाट खोले गए तो मंदिर में शिवलिंग की मूर्ती नहीं थी. जैसे ही शिवलिंग चोरी होने की सूचना वहां के लोगों को मिली तो लोग इकट्ठे होने लगे तथा अपने आराध्य की मूर्ती चोरी होने से हिन्दुओं का आक्रोश भड़क गया व् विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया. सूचना मिलने के बाद पुलिस वहां पहुंची व् मंदिर में ताला लगा दिया. मंदिर में पुलिस प्रशासन द्वारा ताला लगाए से हिन्दुओं का आक्रोश और ज्यादा भड़क गया तथा काफी देर लोगों की पुलिस से बहस होती रही व मंदिर का ताला खोलने की मांग की लेकिन पशासन ने ताला खोलने से इंकार कर दिया.
इससे आक्रोशित लोगों ने फिर से उग्र विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया. विरोध प्रदर्शन बढ़ते देख पुलिस ने लोगों पर लाठीचार्ज शुरू कर दिया. पहले शिवलिंग चोरी होने व् उसके बाद पुलिस प्रशासन की कार्यवाही से आहत होकर लोगों ने पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया, जिसके बाद चौपारण में धारा 144 लगा दी गयी है तथा चप्पे चप्पे पर पुलिस बल को तैनात कर दिया गया है. धारा 144 लगाने के बाद प्रशासन ने कहा है कि स्थिति सामान्य होने के बाद ही कर्फ्यू हटाया जायेगा. प्रशासन का कहना है जल्द ही शिवलिंग चोरी करने वालों को गिरफ्तार कर लिया जायेगा.
प्रशासन शिवलिंग चोरी करने वालों की गिरफ्तारी कब करेगा ये अलग प्रश्न है लेकिन सबसे बड़ा प्रश्न यही है कि आखिर क्यों लगातार हिन्दुओं की आस्थाओं के साथ खिलवाड़ किया जाता है? कभी हिन्दुओं की धार्मिक यात्राओं पर हमला लिया जाता है तो कभी मंदिर से मूर्ती चोरी की जाती है. आखिर एसा क्यूँ होता है व् ईएसआई घटनाओं की आरोपियों पर कड़ी कार्यवाही क्यों नहीं होती जिससे एसी घटनाओं पर रोक लग सके. चौपारण की ये घटना पहली घटना नहीं है जब मंदिर से मूर्ती चोरी की गयी हो बल्कि इससे पहले भी देश के अलग-अलग हिस्सों से मंदिर से मूर्ती चोरी होने की घटनाएं सामने आयीं हैं जो लगातार जारी हैं व् प्रशासन के तमाम वादों के बाद भी ऐसी पर रोक नहीं लगाई जा सकी है. खबर लिखे जाने शिवलिंग चोरी करने वाले विधर्मियों की गिरफ्तारी नहीं हुई थी तथा चौपारण में भारी पुलिस बल तैनात है.
Share This Post

Leave a Reply