बिहार, बंगाल के बाद अब धधक उठा झारखंड भी…दोष सिर्फ इतना कि पूजा हो रही थी माँ की


पूरे देश ने देखा कि किस तरह 25 मार्च को श्रीरामनवमी की शोभायात्रा पर देश के अनेक क्षेत्रों में मजहबी उन्मादी मानसिकता से ग्रसित लोगों ने हमला किया. राजस्थान के बूंदी में मुस्लिम समुदाय के कुछ लोगों ने श्रीरामनवमी शोभायात्रा पर हमला किया तो बिहार के औरंगाबाद में भी भगवा रैली पर हमला किया गया, आगजनी की गयी व प्रशासन को स्थिति नियंत्रण में लाने के लिए धारा 144 लगानी पडी. इसके अलावा पश्चिम बंगाल में तो आक्रान्ताओं ने श्रीरामनवमी की यात्रा पर बम से हमला किया जिसमें यात्रा में शामिल लोगों के साथ-2 पुलिस कर्मी भी घायल हो गये. इस बम के हमले में एक DSP का दाहिना हाथ ख़त्म हो गया.

इसके बाद भी सबने सोचा होगा कि अब सब शांत हो गया है लेकिन आक्रान्ता कहाँ चुप बैठने वाले थे. शायद उन्हें हिन्दू समाज से उनके पर्व त्यौहारों से ही समस्या है. बिहार तथा बंगाल के बाद उनके निशाने पर झारखण्ड राज्य था. उन्हें बंगाल तथा बिहार में श्रीराम रास नहीं आये तो झारखण्ड में उन्हें दुर्गा माँ की पूजा रास न आयी खबर के मुताबिक झारखण्ड के गिरिडीह में माँ दुर्गा की मूर्ति विसर्जन के दौरान निकाली जा रही यात्रा पर मुस्लिम समाज के कुछ उन्मादी व्यक्तियों ने पथराव कर दिया. पुलिस द्वारा रोकने के बाद भी आक्रान्ता नहीं रुके बल्कि पुलिस टीम पर भी हमला कर दिया.  इस हमले में श्रद्धालुओं के साथ मुफस्सिल थाना के एसआई मिथिलेश सिंह भी जख्मी हुए हैं.

पुलिस का कहना है कि मवेशी अस्पताल भण्डारीडीह के पीछे से माँ दुर्गा की प्रतिमा की विसर्जन यात्रा निकाली जा रही थी. इस बीच चैताडीह के पास इस यात्रा पर असामाजिक तत्वों ने पथराव कर दिया तथा सड़क पर कुछ वाहनों में आग लगा दी. मजबूरन पुलिस को बल प्रयोग करना पड़ा. हमलावरों के साथ भिड़त में में पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं. पुलिस का कहना है कुछ आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है तथा बाकी की गिरफ्तारी की भी कोशिश की जा रही है. हालाँकि पुलिस ने गिरफ्तार किये गये लोगों के नाम बताने से इनकार कर दिया है.


सुदर्शन के राष्ट्रवादी पत्रकारिता को आर्थिक सहयोग करे और राष्ट्र-धर्म रक्षा में अपना कर्त्तव्य निभाए
DONATE NOW

Share