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धर्मान्तरण की जड़ों को उखाड़ फेंकने पर आमादा झारखंड सरकार.. पूरे भारत में ऐसे कड़े निर्णय और कहीं नहीं

कुछ दिन पहले ही खबर आयी थी कि झारखंड के दुमका में आदिवासी हिन्दुओं ने २५ ईसाई धर्मान्तरणकारियों को बंधक बना लिया था.. वो तो वहां समय पर पुलिस पहुँच गई वरना आक्रोशित आदिवासी हिन्दू समाज के धर्मावलंबी लोग कुछ भी कर सकते थे. अब खबर आ रही है कि इन धर्मांतरणकारियों को झारखण्ड पुलिस की दुमका पुलिस ने जमीन सुंघा दी है. जी हां ईसाई मिशनरियों के माध्यम से धर्मान्तरण करने वाले २५ में से 16 सदस्यों को झारखंड के दुमका जिले में ‘धर्मांतरण’ कराने की कोशिश में गिरफ्तार करके जेल भेज दिया गया है.

दुमका जिले के पुलिस अधीक्षक किशोर कौशल ने कहा कि इलाके के ‘आक्रोशित’ आदिवासी ग्रामीणों के चंगुल से 25 ‘उपदेशकों’ को बचाए जाने के 2 दिन बाद यह गिरफ्तारी की गई. आक्रोशित आदिवासियों के चंगुल से बचाये गए २५ धर्मान्तरणकारियों  में 16 की गिरफ्तारी हो चुकी है. पुलिस का कहना है कि इन सभी को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया था तथा जाँच के बाद कड़ी कार्यवाही की जाएगी. उन्होंने कहा कि जिले के शिकारीपाड़ा पुलिस थाना क्षेत्र में गुरुवार की रात को स्थानीय लोगों ने आदिवासी प्रार्थना स्थलों के बारे में आपत्तिजनक टिप्पणी करने तथा धर्मान्तरण की कोशिश पर इन 25 लोगों को बंधक बना लिया था.

कौशल ने कहा कि यहां फूलपहाड़ी गांव के ग्राम प्रधान की शिकायत के आधार पर शुक्रवार को 25 में से 16 को हिरासत में ले लिया और बाद में उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया. गिरफ्तार लोगों में से 7 महिलाएं हैं। वे किस संगठन के लिए काम कर रहे थे इस बारे में पूछे जाने पर कौशल ने कहा कि वे ‘ईसाई मिशनरियों’ के लिये काम कर रहे थे. उन्होंने बताया, ‘हम आरोपों की जांच कर रहे हैं. यह एक संवेदनशील मामला है. ग्राम प्रधान ने अपनी शिकायत में कहा था कि वह पिछले कुछ महीनों से इन मिशनरियों के ईसाई धर्म को अपनाने के लिये ग्रामीणों को तैयार करने के प्रयास का विरोध कर रहा था. कौशल ने कहा कि आरोपियों को जेल भेज दिया गया है तथा वह ऐसी किसी भी घटना को कामयाब नहीं होने देंगे.

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