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लगातार 1 साल से हो रहा था दो बहनों का बलात्कार… रोने पर कहते थे कि- ‘घरवालों की लाश पर रोना है क्या ?”

मोजीम अंसारी तथा बुलेज अंसारी दो नाबालिग बहनों के साथ एक साल तक चाकू की नौंक पर बलात्कार करते रहे. दोनों बहनें जब भी रोती, चीखती तो धमकी दी जाती कि अगर रोना बंद नहीं किया या किसी को भी बताया तो फिर घरवालों की लाश पर रोना पड़ेगा. यह मामला तब सामने आया जब दोनों में से एक नाबालिग ने एक बच्चे को जन्म दिया. इसके बाद पीड़िता ने अपने साथ हुई पूरी वारदात की जानकारी दी.  जिस पीड़िता ने बच्चे को जन्म दिया है उसकी उम्र 16 वर्ष है और छोटी बहन 15 वर्ष की है.  वहीं उसकी छोटी बहन भी गर्भवती है. मामला सामने आने के बाद क्षेत्र की जनता आक्रोशित है.

मामला झारखण्ड की राजधानी रांची के रातु थाना क्षेत्र के एक गाँव का है. जहां गांव के ही दो दबंगों पर एक साल तक  दुष्कर्म का आरोप है. मामला उस वक्त उजागर हुआ जब 16 साल की बच्ची ने कांके सामुदायिक अस्पताल में एक बच्चे को जन्म दिया. मामला सामने आने के बाद पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और उचित कानूनी कार्रवाई की बात भी कह रही है. बताया जा रहा है कि दबंग परिवार से ताल्लुक रखने वाले 2 युवकों ने रातु स्थित अपने ही गांव की दो सगी बहनों को निशाना बनाया. 16 वर्षीय पीड़िता ने बताया है कि करीब एक वर्ष पहले रातू थाना क्षेत्र का रहने वाला बुलेज अंसारी ने स्कूल से घर लौटने के क्रम में पकड़ लिया और स्कूल के पीछे एकांत जगह ले जाकर दुष्कर्म किया और कहा कि मैं तुमसे शादी कर लूंगा. इसके बाद उसने कई बार घरवालों को मारने की धमकी देकर दुष्कर्म किया. इसी तरह छोटी बहन से मोजीम अंसारी ने दुष्कर्म किया. बुलेज और मोजीम दोनों आपस में परिचित हैं. पीड़िता के अनुसार, घटना के बाद पूरे परिवार के साथ इसी वर्ष अप्रैल माह में रातू थाना पहुंची थी.  इस पर रातू पुलिस ने पंचायत में मामला सुलझाने के लिए भेज दिया था. पीड़िता और उसके पिता फुटकलटोली के सदर के पास पहुंचे थे. सदर ने आरोपी का सहयोग करते हुए लीपापोती कर दी. इससे वह भटकती रही.

पीडिता ने बताया कि गरीबी की वजह से थाना से लेकर पंचायत तक के लोगों ने अनदेखी की। इसके बाद दोनों पीड़िताएं निर्मल हृदय पहुंची थीं। दोनों को आरोपी पक्ष के लोगों ने सदर अस्पताल पहुंचकर गर्भपात कराने के लिए भेजा था। अस्पताल की नर्सों ने गर्भपात से मना करते हुए निर्मल हृदय भेज दिया। निर्मल हृदय में बच्चों की बिक्री प्रकरण सामने आने के बाद उसे नहीं रखा गया। इसके बाद वह कांके स्थित नारी निकेतन पहुंच गई। वहीं बच्चे का जन्म हुआ. बताया जा रहा है कि बच्चे के जन्म के बाद दो युवक अस्पताल में उसे खरीदने पहुंचे थे, लेकिन अस्पताल कर्मियों ने उन्हें भगा दिया था। मामला पुलिस के पास पहुंचने के बाद पीड़िता के रातू स्थित गांव में मारपीट करने आरोपी पक्ष के लोग पहुंच गये. इसके बाद घर में अकेली पाकर पीड़िता की बड़ी बहन से मारपीट की गई और धमकी दी गई. सूचना मिलने पर रातू पुलिस पहुंची. इससे पहले सभी भाग चुके थे. छोटी बहन का पुलिस ने बयान नहीं लिया है. वह भी कांके के नारी निकेतन में भर्ती है. वह गर्भवती है. पीड़िता के पिता के मुताबिक कांके पुलिस को उन्होंने छोटी बहन के मामले में केस कर न्याय दिलाने की गुहार लगाई है.

पीड़िता के पिता का कहना है कि वे काफी गरीब हैं. वह मामले को लेकर पंचायत में गए, लेकिन इंसाफ नहीं मिला, लेकिन दबंगों से मार जरूर मिली. वहीं, बदनामी से बचने के लिए दोनों बच्चियों को निर्मल हृदय में दाखिल कराया, लेकिन वहां से भी बच्चियों की नामकुम शिफ्ट कर दिया गया और अब एक बच्ची की गोद में बच्चा है. वहीं, दुष्कर्म की घटना को पुलिस ने गंभीरता से लेते हुए मामले में एक पीड़िता का बयान दर्ज करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि दूसरी पीड़िता का बयान नारी निकेतन से लेने की बात पुलिस कर रही है. मामले की गंभीरता को देखते हुए ग्रामीण एसपी ने कहा कि मामले में उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी तथा दुसरे आरोपी को भी जल्द गिरफ्तार कर लिया जायेगा.

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