आखिर क्यों पीटे गए अग्निवेश ? जानिए उनकी पिटाई की मुख्य बजह

स्वामी के नाम से जाना जाने वाला अग्निवेश कल झारखण्ड के पाकुड़ में हिन्दू कार्यकर्ताओं के आक्रोश का शिकार बन गया था हिन्दू कार्यकर्ताओं ने अग्निवेश की जमकर पिटाई की तथा उसके कपडे फाड़ दिए. अग्निवेश दरअसल पाकुड़ में एक कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे. इस दौरान अग्निवेश की पिटाई भी की गई और अग्निवेश वापस जाओ के नारे भी लगाए गए. खबरों की माने तो बीजेपी युवा मोर्चा कार्यकर्ताओं ने इस घटना को अंजाम दिया है. अग्निवेश यहां आदिवासियों के एक कार्यक्रम में शिरकत करने आए हुए थे. जब वे इस कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे थे, तभी कुछ लोग काले झंडे दिखाते हुए वहां पहुंचे और उन्हें घेरकर उन पर हमला कर दिया. माना जा रहा है कि लोगों ने अग्निवेश पर उनके कुछ बयानों को लेकर हमला किया है, लेकिन अग्निवेश की पिटाई करने वालों ने इसकी कुछ और ही वजह बताई है.

अग्निवेश को पीटने वाले हिन्दू कार्यकर्ताओं ने कहा है कि अग्निवेश भगवा वस्त्र के वेश में छिपा हुआ एक अराजक तत्व है तथा हिन्दू विरोधी कारनामों को अंजाम देता है तथा भगवा को बदनाम करता है. अग्निवेश को पीटने वाले कार्यकर्ताओं का कहना है कि अग्निवेश ईसाई मिशनरी के इशारे पर आदिवासियों को भड़काने आए थे. उन्होंने कहा कि अग्निवेश न सिर्फ नक्सल समर्थक है बल्कि वह ईसाई मिशनरियों के इशारे पर हिन्दुओं के खिलाफ काम कर रहा है तथा इसी के लिए वह इस कार्यक्रम में आया हुआ था ताकि आदिवासियों को धर्मांतरण के लिए प्रेरित किया जा सके. आपको बता दें कि अग्निवेश के पाकु़ड़ दौरे का जिले के विभिन्न संगठन पहले से विरोध कर रहे थे. हमलावरों का आरोप है कि स्वामी अग्निवेश ईसाई मिशनरी और पाकिस्तान के इशारे पर काम कर रहे हैं. झारखंड में जनभावना को भड़काने की कोशिश कर रहे हैं.

गौरतलब है कि अग्निवेश कहने को तो अपने नाम के आगे स्वामी लगाते हैं तथा भगवा वस्त्र भी धारण करते हैं जबकि अक्सर देखा गया है अग्निवेश हिन्दू विरोधी, हिन्दू धर्म विरोधी बयान देते रहते हैं. अग्निवेश प्रभु श्रीमा, प्रभु श्रीकृष्ण, श्री अमरनाथ यात्रा तथा तिरुपति बालाजी को लेकर भी अभद्र टिप्पणी कर छुई हैं. हाल ही मैं अग्निवेश ने गौमांस खाने का समर्थन करते हुए कहा था कि गौमांस खाने मैं कोई बुराई नहीं है, गौमांस खाना चाहिए.

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