बधाई दीजिये सबीना से साधना बनी उस वीरांगना को जिन्होंने जीवन साथी चुना है धर्मेश कुमार को

न परिवार साथ था न समाज साथ था लेकिन सबीना ने संकल्प ले लिया था कि वह सिर्फ और सिर्फ धर्मेश की ही बनकर रहेगी. सबीना पर अनेक बंदिशें लगाई गयी लेकिन सबीना के द्रढ़ संकल्प के सामने कोई भी बंदिश टिक नहीं सकी. सबीना ने ठान लिया था किउसका जन्म भले मुस्लिम परिवार में हुआ है लेकिन अब वह अपनी जिंदगी मुस्लिम बनकर नहीं बल्कि सनातनी बनकर जियेगी. सबीना पर उसके परिवार की तमाम बंदिशें उसके अंदर जल रही धर्मेश से शादी कर सनातन को अपनाने की ज्वाला की लौ को कुंद न कर सकी. फिर वो दिन आ गया जन धर्मेश ने सबीना को अपनी दुल्हनिया बना लिया तथा सबीना अब सबीना न रहकर साधना बन चुकी है, सनातन को अपना चुकी है. सुदर्शन के साथ आप भी बधाई दीजिये सबीना को जिन्होंने तमाम बंदिशों से लड़ते हुए धर्मेश को अपना जीवन साथी स्वीकार करते हुए हमेशा के लिए सत्य सनातन को अपना लिया.

घटना झारखंड के गोड्डा जिले की है. अआप्को बता दें कि धर्मेश सेल्समैन का काम करता था तथा उसकी नजरें एक दिन एक मुस्लिम युवती से टकरा गईं. यह मुलाकात धीरे-धीरे प्यार में बदल गई. सच्चे प्रेम की ये ज्वाला दोनों तरफ बराबर प्रज्जवलित हो रही थी, इसीलिए महज छह माह की दोस्ती और प्यार इतना मजबूत हो गया कि कब दोनों ने समाज के आगे बगावत करने का फैसला कर लिया, यह पता भी नहीं चला. सबीना तथा धर्मेश ने एक दुसरे के साथ रहने का संकल्प ले लिया. एक दिन प्यार का खुलासा हो गया तो परिवार में तकरार बढ़ गई तथा सबीना के परिवार ने उसको घर में कैद कर दिया. लेकिन सबीना अपने फैसले से टस से मस न हुई और धर्मेश भी अपने फैसले पर अडिग रहा. शुरुआती विवाद होने पर पथरगामा थाना ने मामले को दोनों परिवार वालों के साथ मिलकर सुलझाने का प्रयास किया लेकिन सबीना के घरवाले मानने को राजी नहीं थे.

लेकिन सबीना संकल्प ले चुकी थी कि वह जियेगी तो धर्मेश के साथ, मरेगी तो धर्मेश के साथ. तमाम बंदिशों तथा रुकावटों के बाद गुरूवार को झारखंड के गोड्डा के पथरगामा थाना क्षेत्र के रानीपुर गांव की सबीना खातून उर्फ साधना देवी का धोरैया के धर्मेश कुमार से कोर्ट स्थित शनि मंदिर प्रांगण में हिन्दू रीति रिवाज के साथ विवाह संपन्न हो गया. शादी संपन्न होने के बाद बेटे और बहु को लेकर धर्मेश के पिता बैद्यनाथ दास पथरगामा थाना पहुंचे और थाना प्रभारी मोनालिसा केरकेट्टा से आशीर्वाद दिलाया. पिता बैद्यनाथ दास बेटे की शादी से काफी प्रसन्न नजर आए और दोनों के उज्जवल भविष्य की कामना भी की.  वहीं इस पूरी शादी को शुरू से लेकर अंत तक संपन्न कराने वाले चन्दन भी काफी प्रसन्न नजर आए तो वहीं धर्मेश और साधना भी अपनी मर्जी से अपनी नई जिंदगी की नई शुरुआत करने को लेकर भी काफी उत्साहित नजर आए. सुदर्शन परिवार धर्मेश तथा सबीना से साधना बनी उसकी पत्नी को नवजीवन की बधाई तथा शुभकामनायें देता है.

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