अग्निवेश के खिलाफ कईयों ने खोला मोर्चा.. एक मंत्री ने बताया, धोखेबाज, फ्रॉड और नक्सल समर्थक

झारखंड के पाकुड़ में स्वामी नामधारी अग्निवेश की पिटाई के बाद अग्निवेश के खिलाफ मोर्चा खोल दिया गया है तथा लोग अग्निवेश के ही खिलाफ हमलावर हैं. आम हिन्दू जनता का कहना है कि अग्निवेश भगवा पहनकर सनातन के पूज्य भगवा वस्त्रों को बदनाम कर रहा है. इसी बीच भाजपा की राज्य सरकार के एक मंत्री ने अग्निवेश को फरूद करार दिया है. झारखंड के शहरी विकास मंत्री सी. पी. सिंह ने सामाजिक कार्यकतार् स्वामी अग्निवेश की कथित पिटाई मामले को लेकर मचे राजनीतिक घमासान के बीच आज कहा कि स्वामी धोखेबाज हैं और वह उन्हें पिछले चालीस साल से जानते हैं.

मंत्री सीपी सिंह ने आरोप लगाया कि देश में अशांति फैलाने के लिए अग्निवेश विदेशी फंड का प्रयोग कर रहे हैं. अग्निवेश पर हमले को लेकर झारखंड विधानसभा में बुधवार को हंगामा हुआ. विपक्षी सदस्य मंत्री सीपी सिंह द्वारा अग्निवेश को ‘धोखेबाज और दलाल’ कहे जाने को लेकर गुस्से में दिखाई दिए. विपक्ष के नेता हेमंत सोरेन ने कहा, ‘यह घटना राज्य सरकार के निर्देश पर हुई. राज्य सरकार के पास भाजयुमो कार्यकर्ताओं द्वारा हमले की सूचना पहले से ही थी.’ इस पर मंत्री सीपी सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री ने मामले की जाँच के आदेश दे दिए है लेकिन में पुनः दोहराता हूँ कि अग्निवेश कोई स्वामी नहीं है बल्कि स्वामी के वेश में छिपा हुआ एक धोखेबाज है, दलाल है जो नक्सलियों का समर्थक है तथा आदिवासियों को देश के खिलाफ भड़काने का काम करता है.

आपको बता दें कि इससे पहले राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वरिष्ठ प्रचारक व हिन्दू जागरण मंच के क्षेत्रीय संगठन मंत्री डॉ. सुमन कुमार  ने अग्निवेश को नक्सलवाद का आधुनिक चेहरा करार दिया था. डॉ. ने कहा था कि अग्निवेश पूरी तरह नास्तिक, धर्म विरोधी, हिन्दू विरोधी व नक्सल समर्थक कम्युनिस्ट हैं. कौम व धर्म का अनिष्ट करने वाला ही कम्युनिस्ट होता है और ये बताने की जरूरत नहीं कि इस देश में कम्युनिस्टों का मूल एजेंडा क्या रहा है. हिन्दू विरोधी व देश विरोधी चेहरा रह-रह कर कम्युनिस्ट लोग दिखाते रहे हैं. दंतेवाड़ा में नक्सलियों से गुपचुप मिलना, भारतीय सेना के खिलाफ भड़काऊ बयान देना और नक्सलियों का हौसला बढ़ाना आदि से अग्निवेश का मुख्य कथित सामाजिक जीवन भरा पड़ा है. एक सीडी 2011 में सामने आई थी जिसमें अग्निवेश लाल सलाम के नारे और भारतीय सेना वापस जाओ के जुमले उछाल रहे थे. डॉ. सुमन ने कहा कि इनका पूरी गतिविधि ही साधु के वेश में पाखंडी की है जो भारत विरोधी रही है. देश के रीति-रिवाज, धर्म-संस्कार व यहा की जीवन शैली की निंदा इनकी पुरानी आदत रही है.


राष्ट्रवादी पत्रकारिता को समर्थन देने हेतु हमे आर्थिक सहयोग करे. DONATE NOW पर क्लिक करे
DONATE NOW

Share