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धर्म बदलवाया, फिर इज्जत लूटी और आखिरकार अपहरण भी किया…रांची में मचा कोहराम


वो कभी निर्दोष लोगों पर बम फोड़कर उनकी जान ले लेते हैं तो वो कभी आपके परिवार की महिलाओं की आबरू लूट लेते हैं. कभी वो लव जिहाद में फंसाकर उससे निकाह करके बाद में उसकी जिन्दगी तबाह करते हैं तथा अगर लव जिहाद में कामयाब न हो पायें तो फिर गुंडागर्दी दिखाते हुए जबर्दस्ती उसका अपहरण कर लेते हैं लेकिन अपनी ओछी उन्मादी मजहबी मानसिकता को नहीं त्यागते हैं.

ऐसी ही एक मजहबी मानसिकता का शिकार रांची की एक युवती हुई है. खबर के मुताबिक झारखण्ड राज्य की राजधानी रांची के पंडरा ओपी थाना क्षेत्र से एक हिन्दू युवती का अपहरण हो गया. युवती के भाई ऋषभ के मुताबिक 27 फरवरी को उसकी बहिन का अपहरण पास की ही एक मुस्लिम फॅमिली ने किया है तथा उनका इरादा जबरदस्ती उनकी बहिन का धर्म परिवर्तन कराकर उसके साथ निकाह करने का है. रिषभ का कहना है कि जिस दिन से मेरी बहिन का अपहरण हुआ है तभी से हाजी अलीमुद्दीन का पूरा परिवार भी अपने घर पर नहीं है.

रिषभ ने अपनी बहिन के अपहरण की शिकायत थाना पंडरा ओपी में दर्ज कराई है. प्राथमिकी में ऋषभ ने बताया है कि बेडो निवासी हाजी अलीमुद्दीन की पत्नी उनके तीन पुत्र मोहम्मद मक़सूद आलम, मंसूर आलम तथा मंजर आलम उनकी बहिन का अपहरण करके ले गये हैं तथा वो जबरदस्ती उसका धर्मान्तरण कराकर निकाह करना चाहते हैं. रांची की ये घटना मानवता तथा भारत के लोकतंत्र पर एक बहुत बड़ा कलंक है जहाँ एक कडकी का जबरन धर्मान्तरण किक्या जाता है उसकी अस्मिता लूटी जाती है व उसका अपहरण किया जाता है.

प्राथमिकी के आधार पर पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है लेकिन अभी तक कोई आरोपी गिरफ्तार नहीं किया जा सका है. यहाँ पर सबसे बड़ा सवाल है कि 27 फरवरी से गायब युवती एक मजहबी उन्मादी परिवार के कब्जे में है तो क्या वो पूर्ण रूप से सुरक्षित होगी? लडकी की सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस जल्दी से दरिंदों को गिरफ्तार युवती को छुडाये तथा आरोपियों को कड़ी से कड़ी सजा दे. हाजी अलामुद्दीन के परिवार ने जो जघन्य अपराध किया वो कड़ी से कड़ी सजा का पात्र है.


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